
सीतेश कुमार द्विवेदी
कोल्ड ड्रिंक्स अपने स्वाद की खासियत के चलते दुनिया में आज सर्वाधिक पसंदीदा पेय बन गए हैं। दुनिया भर में इनके प्रति दीवानगी है। किसी को भले ही पीने को साफ पानी नसीब न हो, किंतु यदि जेब में पैसा है तो उसे हर कहीं पीने को स्वादिष्ट पेय अवश्य मिल जाएगा। भारत भी इस पाश्चात्य कोल्ड-ड्रिंक्स के प्रति दीवानगी से अछूता नहीं है। यहां भी बच्चे बड़े सभी इसके मुरीद हैं। बड़े देश अमेरिका की शक्तिशाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पाद पेप्सी व कोक की यहां तूती बोलती है। ये कंपनियां इतनी ताकतवर हैं कि भारत के किसी भी कोने में किसी भी प्रदेश में मनमानी अर्थात दादागिरी कर सकती है।
यह दादागिरी नहीं तो और क्या है कि ये विदेशों में तो कीटनाशक विहीन स्वास्थ्य निरापद कोल्ड-ड्रिंक्स बेचते हैं पर भारतीय प्रयोगशालाओं ने बहुत पहले कोल्ड-ड्रिंक्स में खतरनाक कीटनाशकों के मिले होने की पुष्टि कर दी है। भारत में बिक रहे इन कोल्ड ड्रिंक्स में चार खतरनाक पेस्टीसाइड्स डीडीटी, मेलाटियान मेटाबोलाइट्स लिंडेन, क्लोराफारिफोस मिला रहता है। इसकी मात्र निर्धारित से 15 से 87 गुना ज्यादा है।
किसी भी जीव के लिए कोल्ड-ड्रिंक्स एवं कीटनाशक दोनों ही खतरनाक हैं। इन शीतल पेयों में मिले कीटनाशी पदार्थों के कारण कैंसर, यौन विकार, डीएनए परिवर्तन, गर्दन, स्नायु-तंत्र में कमजोरी जैसी बीमारियां हो रही हैं। वहीं इन कोल्ड-ड्रिंक्स को पीने वालों का गला, किडनी, लीवर खराब हो रहा है। हड्डियां कमजोर होकर भुरभुरी हो रही है। कैंसर हो रहा है। नर्वस ब्रेक डाउन हो रहा है। महिलाओं को गर्भपात हो रहा है। पीने वाले मोटापे के शिकार हो रहे हैं। सुनने, सोचने, समझने की शक्ति क्षीण हो रही है। कोल्ड डिंÑक्स जब इतने खतरनाक हैं तो इसमें भी गुटखा, सिगरेट की भांति हानिकारक का लेबल अवश्य लगाया जाना चाहिए। न्यायालय व सरकारों द्वारा ऐसे मामलों को महत्व देते हुए जनहित में उचित कदम उठाने चाहिए।
कोल्ड-ड्रिंक्स निर्मात्री बड़ी कंपनियां भले ही न्यायालय की बातें अनुसनी कर दें और सरकारों को मुठठी में कर लें किंतु देश का आम नागरिक अपने स्वास्थ्य हित की बात को तो ध्यान में रख सकता है। वह न इनके विज्ञापनों से प्रभावित हो और न ही इनके स्वाद पर जाए। वह इनकी घातकता को ध्यान में रख कर अपनी सेहत को महत्व दे। न स्वयं कोल्ड ड्रिंक्स पिएं और न पीने पिलाने के लिए किसी को प्रेरित करें। स्वाद के सापेक्ष में सेहत सर्वोपरि है।


