- अब करीबियों पर कसेगा शिकंजा, बेनामी संपत्तियों का पता चला
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सोतीगंज का शातिर 25 हजार का इनामी मोइउद्दीन उर्फ मन्नू कबाड़ी आखिरकार जेल गया। 2014 के बाद पहली बार पुलिस की पकड़ में आये मन्नू कबाड़ी से पूछताछ में कई संपत्तियों का पता चला है। दरअसल, मन्नू की गिरफ्तारी उसके घर के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, इस कारण वो एक संभावित मुठभेड़ से बच गया।
मन्नू कबाड़ी करीब छह साल बाद पुलिस की पकड़ में आया है। इससे पहले 2014 में क्राइम ब्रांच के संजीव यादव ने इसे पकड़ा था। सोमवार की शाम सदर एसओ दिनेश चन्द्र बघेल को पता चला कि मन्नू कबाड़ी घर के बाहर गली में खड़ा है। बाइक से सादी वर्दी में पुलिसकर्मी गए और उसे पकड़ लिया।
हालांकि कुछ लोगों ने गिरफ्तारी का विरोध भी किया। पुलिस ने हड़का कर मन्नू को काबू में किया और उसे गोपनीय स्थान पर रखा। दरअसल, पुलिस मुठभेड़ के दौरान मन्नू की गिरफ्तारी दिखाना चाह रही थी, लेकिन इसके पीछे सीसीटीवी कैमरे आड़े आ गए।
जिस वक्त मन्नू को पकड़ा गया उसकी तमाम तस्वीरें सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। पूछताछ में मन्नू ने बताया कि उसके पास तीन बसें है और प्लॉट्स वगैरह हैं। इसके अलावा उसके रिश्तेदारों के नाम भी संपत्तियों का पता चला है। मन्नू ने बताया कि वो पांच हजार बाइकों को अब तक कटवा चुका है।
पुलिस से तगड़ी सेटिंग होने के कारण वो पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा था। इसका साथी कबाड़ी राहुल काला जब परतापुर पुलिस के साथ मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो गया था। उस वक्त भी मन्नू कबाड़ी की जोरशोर से तलाश हो रही थी। दरअसल, मन्नू की पुलिस में सेटिंग होने के कारण उसे पुलिस की दबिश की पहले से जानकारी मिल जाती थी।

