- बीस मिनट के भीतर ही सजा का ऐलान हो गया और फिर सभी आरोपियों को वापस गाड़ी में बैठाकर जेल भेज दिया गया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अपर जिला जज की कोर्ट ने जैसे ही तिहरे हत्याकांड के सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई तो कटघरे की बगल में बैठी शीबा सिरोही फफक-फफक रोने लगी। जबकि दूसरे सभी दोषियों के चेहरों पर शिकन तक नजर नहीं आयी। सभी के चेहरे तनाव से परे थे। फैसला सुनाने से कुछ वक्त पहले ही उन्हें जेल से लाया गया और सीधे कोर्ट में दाखिल कर दिया गया।
बीस मिनट के भीतर ही सजा का ऐलान हो गया और फिर सभी आरोपियों को वापस गाड़ी में बैठाकर जेल भेज दिया गया। शहर के एक बड़े हत्याकांड पर फैसला आ रहा था, इसके चलते कोर्ट के बाहर तो भारी भीड़ थी ही, कोर्ट रूम भी खचाखच भरा हुआ था। पुलिस को व्यवस्था बनाने के लिए काफी जूझना पड़ा। फैसला आने के बाद पीड़ित परिजनों ने कोई त्वरित प्रतिक्रिया तो नहीं दी लेकिन कहा कि पहले रिवीजन कर लें, फिर कुछ कहेंगे।
16 साल बाद गुदड़ी बाजार के दुस्साहसिक और अत्यंत बहशी तरीके से किये गए हत्याकांड का फैसला आया। ये वो हत्याकांड था, जिससे पूरा शहर दहल गया था। बाजार, स्कूल-कालेज तक बंद हुए। कानून व्यवस्था की स्थिति भी कई बार बनी। पुलिस की परीक्षा भी हुई पर उसने इस कांड में अपनी तरफ से प्रभावी कार्रवाई करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हत्याकांड में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल हुआ था। हत्याकांड को लेकर पहले 24 जुलाई को फैसला आना था, लेकिन अभियुक्त अब्दुल रहमान उर्फ कलुवा के अधिवक्ता ने प्रार्थनापत्र दिया था कि मामले में हाईकोर्ट में ट्रांसफर प्रार्थनापत्र विचाराधीन है।
इसकी वजह से कोर्ट ने फैसला सुनाने को 31 जुलाई की तारीख तय की। कोर्ट ने फिर एक दिन के लिए फैसला टाल दिया। अगले दिन कोर्ट ने फैसला सुना दिया और सभी को हत्या का दोषी ठहराया। हत्याकांड के दो आरोपी इसरार व माजिद की मौत हो चुकी है। एक आरोपी शमी जेल में बंद है उसका ट्रायल चल रहा है। जबकि एक आरोपी को नाबालिग बताये जाने के चलते हाईकोर्ट में अपील पेंडिंग है। आज चूंकि तिहरे हत्याकांड में सजा सुनायी जानी थी, इसके चलते सुबह से ही कचहरी की नाकेबंदी कर दी गयी। चारों तरफ पुलिस ने घेरा बना दिया और जांच पड़ताल के बाद ही लोगों को अंदर आने दिया गया।
अपर जिला जज की कोर्ट के बाहर पुलिस की भारी आमद रही। शाम को चार बजे के बाद जेल से भी दोषियों को कड़ी सुरक्षा में लाया गया और कोर्ट में पेश किया गया। सभी दोषी कटघरे में थे तो शीबा को कटघरे के समीप ही बैठा दिया गया। 15 मिनट चली अदालत में जज ने सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सजा होने पर शीबा तो कोर्ट में ही रोने लगी। पर बाकी के चेहरे भावशून्य थे। उनके चेहरों पर किसी तरह की को शिकन नहीं थी। जिस तरह सभी को कड़ी सुरक्षा में लाया गया, उसी तरह से सभी को वापस जेल भेज दिया गया। पीड़ित परिजन भी कोर्ट में मौजूद थे।
चार साल पहले हो चुका है राजीव चौधरी से तलाक
आजीवन कारावास और 50 हजार जुर्माना की सजा के चलते जेल की सलाखों के पीछे पहुंची शीबा सिरोही का उसके पति राजीव चौधरी निवासी बड़ौत, जोकि सेना में कर्नल थे, उनसे चार साल पहले तलाक हो चुका है। राजीव चौधरी के वकील अशोक पंडित ने बताया कि शीबा और राजीव के बीच तलाश की मुकदमा कई साल चला था। पति को जब पता चला कि शीबा कहीं अन्य भी एंगेज है तो उन्होंने तलाक का मुकदमा दायर किया था।
शीबा सिरोही को आज आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसको लेकर राजीव चौधरी या उनके परिवार की ओर ये किसी प्रकार की प्रतिक्रिया भी नहीं आयी। हालांकि इस दौरान शीबा व राजीव चौधरी के परिवार के कुछ कॉमन फ्रैंड जरूर मौजूद थे। दोनों परिचित शीबा व राजीव के शादी के बाद की लाइफ को लेकर तमाम तरह की बाते कर रहे थे।
14 पर लगी थी चार्जशीट, 33 की हुई थी गवाही
तिहरे हत्याकांड में 14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगी थी। इनमें से दो की मौत हो चुकी। एक जुवेनाइल में छूट गया तो एक की फाइल अभी विचाराधीन है। बाकी सभी को दोषी करार दिया गया। इस मामले में 33 लोगों की गवाही हुई थी।

