- मृतक सुधीर उज्जवल के छोटे भाई सोनू की मांग, कहा, निर्ममता की श्रेणी में आता है तिहरा हत्याकांड
जनवाणी संवाददाता |
बिनौली/मेरठ: गुदड़ी बाजार में वर्ष 2008 में ट्रिपल मर्डर केस में अदालत ने जहां 10 अभियुक्तों को आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है, वहीं मृतक सुधीर उज्ववल के छोटे भाई सोनू उज्ववल ने कहा कि तिहरे हत्याकांड को निर्मम व बर्बरता से अंजाम दिया गया था इसलिए उनको उम्मीद थी कि अदालत मुख्य हत्याभियुक्त हाजी इजलाल कुरैशी सहित सभी को फांसी की सजा सुनाएगी।
सुधीर की हत्या के बाद पिता का भी निधन
सुधीर उज्जवल मेरठ यूनिवर्सिटी में एमबीए का छात्र था। तब उसकी उम्र लगभग 23 वर्ष थी। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। इसलिए किसी तरह की कम उसकी पढ़ाई में आड़े नहीं आने दी जा रही थी, लेकिन मई 2008 में सुधीर की हत्या के पांच साल बाद ही उसके पिता सुरेश उज्जवल का भी निधन हो गया। ग्रामीणों का तो यह भी कहना है कि सुधीर की हत्या की चिंता में उसके पिता की मौत हुई थी।
परिवार में मां और छोटा बेटा रह गए
सुधीर उज्जवल की हत्या और उसके पांच साल बाद उनके पिता सुरेश उज्जवल के निधन के बाद पूरा परिवार बिखर गया। परिवार में सुधीर का छोटा भाई सोनू उज्ववल और उसकी मां सुरेशवती अकेले रह गए। मां-बेटा वर्तमान में हापुड़ में रहते हैं।
चाचा मेरठ कालेज में प्रोफेसर
मृतक सुधीर उज्जवल के चाचा पूर्ण सिंह मेरठ कालेज में प्रोफेसर हैं। वे अपने परिवार के साथ मेरठ में ही रहते हैं। इनके अलावा चाचा गुलबीर व नरेश परिवार सहित नोएडा में रहते हैं। गांव सिरसलगढ़ के ग्रामीणों ने भी तिहरे हत्याकांड के हत्याभियुक्तों को आजीवन कारवास की सजा को नाकाफी बताया है। उनका कहना है कि हत्याकांड के आरोपियों को उम्रकैद की सजा नहीं बल्कि फांसी की सजा होनी चाहिये थी।
देश छोड़कर भाग रहे याकूब कुरैशी के बेटे को दबोचा
मेरठ: बसपा सरकार में मंत्री रहे हाजी याकूब कुरैशी का बेटा भूरा उर्फ फिरोज देश छोड़कर भागने की फिराक में था। मेरठ पुलिस ने उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। फिरोज जमानत पर बाहर है। देश छोड़कर न जाने की शर्त पर कोर्ट ने उसे जमानत दी थी। मेरठ पुलिस ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवा रखा है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया फिरोज को दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया। खरखौदा थाने की पुलिस उसे रविवार को एयरपोर्ट से थाने लेकर आई। उससे पूछताछ की गई। भविष्य में जमानत की शर्त का उल्लंघन नहीं करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद उसे थाने से छोड़ दिया गया। मेरठ के खरखौदा में अलफहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड है। यह कंपनी पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की है। पुलिस ने 31 मार्च 2022 को यहां छापा मारा था। जांच में पता चला कि बंद फैक्ट्री में मीट सप्लाई का काम किया जा रहा था। यहां से पांच करोड़ रुपये का मीट पकड़ा गया। तब पुलिस ने पूर्व मंत्री के बेटे इमरान, फिरोज और पत्नी शमजिदा समेत 17 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था। मामले में पुलिस ने याकूब कुरैशी के खिलाफ संपत्ति जब्त की कार्रवाई भी की थी। केस दर्ज होने के बाद फिरोज फरार हो गया था।
28 नवंबर 2022 को मेरठपुलिस ने गाजियाबाद के वसुंधरा अपार्टमेंट से फिरोज को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 2 माह मेरठ जेल में रहने के बाद फिरोज को सिद्धार्थनगर जेल शिफ्ट कर दिया था। 96 दिन बाद कोर्ट से फिरोज पर दर्ज 3 मुकदमे में जमानत मिलने के बाद 4 मार्च 2023 को उसे जेल से जमानत पर रिहा किया गया। कोर्ट ने उसकी जमानत में यह शर्त रखी थी कि वह बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जाएगा। इसके बाद मेरठ ाुलिस ने फिरोज के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।
कमिश्नरी पर आत्मदाह का प्रयास, मुश्किल से बचाया
मेरठ: दो साल की मासूम को कार से रौंदने वाले आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर मृतका के चाचा ने आत्मदाह का प्रयास किया। ड्यूटी पर तैनात पीएसी के जवानों ने युवक के हाथ से माचिस छीनी और संबंधित थाने की पुलिस को सूचना दी। वो युवक को अपने साथ सिविल लाइन थाने लेकर चले गए। मृतका के परिवार का कहना है कि आरोपी की पहचान होने के बावजूद पुलिस ने अभी तक गिरफ्तारी नहीं की है। नौचंदी थाना क्षेत्र की प्रीत विहार कॉलोनी में संजय गुप्ता की धागा बनाने की फैक्ट्री है। फैक्ट्री की दूसरी मंजिल पर संजय अपने परिवार के साथ रहते हैं।
उसी कॉलोनी में अभिषेक प्रजापति भी रहते हैं। शनिवार सुबह उनकी दो साल की बच्ची तनिष्का खेलते हुए बाहर चली गई। तभी तेज रफ्तार में क्रेटा कार लेकर आ रहे संजय गुप्ता ने बच्चों को कुचल दिया। मौके पर ही बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। आरोप है कि तभी संजय गुप्ता कार लेकर फरार हो गया। घटना से दुख में लीन तनिष्का के परिवार के लोगों ने संबंधित थाने पर भी हंगामा किया। पुलिस में मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन अभी तक आरोपी को गिरफ्तारी नहीं कर सकी। इसी बात से नाराज होकर चाचा विक्रम सिंह पेट्रोल लेकर कमिश्नरी चौराहे पहुंच गए।

