Friday, March 20, 2026
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चकबंदी अधिकारी का पेशकार 20 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा

  • सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने पीड़ित से मिलकर बिछाया था जाल

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: पक्ष में फैसला कराने की एवज में 20 हजार की डिमांड करने वाला बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी का पेशकार धरा गया। उसे सतर्कता विभाग की टीम ने दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसको शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। सोहनवीर निवासी जैनपुर ने उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान मेरठ सेक्टर की ट्रेप टीम से संपर्क साधा। उसने बताया कि हस्तिनापुर के बिसौला में उसकी मां प्रकाशी का छह बीघा का एक चक है, जिसका वाद चकबंदी अधिकारी बंदोबस्त के यहां चल रहा है।

बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी का पेशकार विकाश शर्मा उनके पक्ष में फैसला कराने की एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है। सतर्कता अधिष्ठान की ट्रेप टीम ने शुक्रवार को जाल फैला दिया। सोहनवीर केमिकल फिनापथिलिन लगे 20 हजार रुपये लेकर सीधे विकास शर्मा की सीट पर पहुंचे। जैसे ही उन्होंने विकास शर्मा को यह नोट थमाये, तभी प्रभारी निरीक्षक छोटे सिंह की ट्रेप टीम ने उन्हें दबोच लिया।

पेशकार के रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार होने के बाद विभाग में खलबली मच गयी। टीम आरोपी विकास शर्मा को लेकर सिविल लाइन थाने आ गयी। यहां विकास से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने रिश्वत लेना स्वीकार किया। सतर्कता अधिष्ठान की ओर से भ्रष्टाचार की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया। आज पेशकार को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

रंगेहाथों दबोचा पेशकार

  • सतर्कता अधिष्ठान को शिकायत मिली थी कि बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के पेशकार ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी है। शिकायत की पुष्टि कर टीम ने जाल फैलाया और पेशकार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। -इंदू सिद्धार्थ, एसपी, सतर्कता अधिष्ठान, मेरठ सेक्टर।

बर्खास्त पशुधन प्रसार अधिकारी कोर्ट से हुए बहाल

फलावदा: थाना क्षेत्र के गांव नागौरी में स्थित पशु अस्पताल में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने के आरोप में बर्खास्त चल रहे पशुधन प्रसार अधिकारी को कोर्ट के आदेश पर पशु अस्पताल में पुन: जॉइनिंग करा दी गई है। गौरतलब है कि कई माह पूर्व गांव पिलौना निवासी जिला पंचायत सदस्य विश्वास की पत्नी ईशा चौधरी द्वारा नागोरी में स्थित पशु चिकित्सालय पर तैनात पशु धन प्रसार अधिकारी सनोज कुमार पर फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इस शिकायत के चलते जांच उपरान्त थाने में मुकदमा भी दर्ज हुआ था।

पशु धन प्रसार अधिकारी डा. सनोज को बर्खास्त कर दिया गया था। मामला काफी सुर्खियों में रहा। पशुधन प्रसार अधिकारी ने अपनी बहाली के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए पशुधन प्रसार अधिकारी डा. सनोज को उनकी बर्खास्त की समाप्त करके पद भार ग्रहण कराने के आदेश पशुपालन विभाग को दिए है। हाईकोर्ट के आदेश अनुपालन में फलावदा के पशु चिकित्सा अधिकारी डा. इंद्रजीत ने बर्खास्त चल रहे डा. सनोज को नागोरी में स्थित अस्पताल में कार्यभार ग्रहण कर दिया है।

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