- विपक्षियों के नामांकन निरस्त कर प्रदर्शनकारियों पर फटकारी लाठियां, बेअसर साबित हुए धरने, प्रदर्शन
जनवाणी संवाददाता |
किठौर: सत्ता का खेल तो चलेगा, सरकारें आएंगी, जाएंगी पार्टियां बनेंगी, बिगड़ेंगी मगर ये देश रहना चाहिए, इस देश का लोकतंत्र अमर रहना चाहिए। प्रखर कवि, पत्रकार व देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के ये संवाद उस वक्त जेहन की वादियों में गूंज उठे जब सहकारी गन्ना विकास समिति के डेलीगेट चुनाव में सत्तापक्ष के नुमाइंदों के इशारे पर बिन वजह बताए न सिर्फ विपक्षी प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त किए जाने के आरोप लगे बल्कि विरोध-प्रदर्शन पर लोकतंत्र को रौंदते हुए पुलिस बल का प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा भी गया।
गत 26 सितंबर को नंगलामल, मवाना, दौराला, सकौती, मोहिउद्दीनपुर सहकारी गन्ना विकास समितियों में डेलीगेटों के नामांकन के बाद जांच के नाम पर सरकार के नुमाइंदों की सीधी दखल से जिस तरह लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाते हुए विपक्ष के नामांकन निरस्त किए जाने के आरोप लगे वह काफी शर्मनाक है। मवाना की बात करें तो यहां डेलीगेटों के कुल 322 पदों में से 278 पर नामांकन दाखिल हुए। जिनमें 193 विपक्षी डेलीगेटों के नामांकन जांच-पड़ताल के बहाने निरस्त किए जाने की बात सामने आई। जबकि 44 पद नामांकन न किए जाने की वजह से रिक्त रह गए।
दौराला में 248 पदों में 245 पर नामांकन दाखिल हुए 03 पद रिक्त रहे, सकौती में 104 पदों में से 101 पर नामांकन दाखिल हुए तीन पद रिक्त रहे, मेरठ समिति में 172 डेलीगेट पदों में से 156 पर नामांकन दाखिल हुए 16 पद रिक्त रहे। बहरहाल मवाना, दौराला, सकौती और मोहिउद्दीनपुर समितियों में जांच के बहाने बड़े पैमाने पर धांधली कर विपक्षियों के नामांकन निरस्त किए जाने के आरोप लगे। हद तो तब हो गई जब मवाना में नामांकन निरस्त होने के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों को पूर्व नियोजित तरीके से लाठियां फटकार कर खदेड़ दिया गया।
दौराला और सकौती में भी नामांकन पत्र बहाली के लिए धरना दिया गया। मोहिउद्दीनपुर में तो किसान संगठन के पदाधिकारी थाने में उपलों की चिता पर लेट गए, लेकिन विपक्षियों की तमाम कवायद नाकाम रही। तीन अक्तूबर को जिन डेलीगेटों को निर्विरोध चुने जाने की घोषणा की गई। उन्हें अगर सत्ता के बल पर जबरन चुना जाना कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं। वजह सत्तापक्ष के नुमाइंदों ने साजिशन विपक्ष को चुनावी रण में उतरने ही नही दिया।
निरीक्षण में नगरायुक्त को मिला खामियों का अंबार
मेरठ: महानगर में निगम के कार्यों का जायजा लेने के लिए निकले नगरायुक्त सौरभ गंगवार को शहर में खामियों का अंबार मिला। वार्ड-67 के निरीक्षण के में बीएसए कार्यालय से जयदेवी नगर मोड तक नाला निर्माण के लिए खोदी गयी मिटटी सड़क पर पड़ी पाये जाने पर वाटर स्प्रे कराने के निर्देशित दिए। बच्चा पार्क से लेकर खैरनगर चौराहे तक सड़क में कई बड़े गड्ढे पाये जाने पर दो दिन के अन्दर समस्त गड्ढों को भरवाकर पैच वर्क के निर्देश अधिशासी अभियन्ता अमित शर्मा को दिए। उन्होंने विभिन्न वार्डों से आये पार्षदों से वार्ता की। गृहकर बिलों के संबंध में नगर आयुक्त ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को अभी तक निकाले गये 1.5 लाख बिल प्रत्येक दशा में 25 अक्टूबर तक जनता को उपलब्ध करा दिये जाये।
उन्होंने गांवड़ी में लगाये जाने वाले कूड़ा निस्तारण वाली भूमि का निरीक्षण किया गया तथा नौ अक्तूबर को प्लांट लगाने के लिए किये जाने वाले भूमि पूजन की व्यवस्थाओं देखीं व भूमि पूजन में सभी जनप्रतिनिधियों व मीडिया को बुलाने के अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार को निर्देशित किया गया। उन्होंने सूरजकुंड रोड स्थित बीवीजी कंपनी द्वारा संचालित डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया गया। यहां गाड़ियां गंदी पाये जाने पर प्रतिदिन धुलाई कराकर यार्ड में खड़ी करवाने व उनकी मरम्मत व कलर आदि कार्य कराने को कहा इस दौरान अपर नगर आयुक्त एवं प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. हरपाल सिंह आदि उपस्थित थे।

