- बड़ौत में किसानों के धरने में शामिल हुए रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने की घोषणा
- 27 दिसंबर को अपने जन्मदिन को नहीं मनाने की भी जयंत चौधरी ने घोषणा की
जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: रालोद के प्रदेश उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा है कि केंद्र की सरकार उस पहचान को मिटाने पर तुली है। जिसकी पहचान चौधरी चरण सिंह ने किसानों को दी थी। यह किसानों का दर्द नहीं समझती है। इनके नेता किसानों को तरह-तरह के नामों से संबोधित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि धरना स्थल पर महिला शक्ति को भी होना चाहिए। उनका होना भी जरूरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि 27 दिसंबर को पार्टी की कार्यकारिणी में प्रस्ताव पारित हो चुका है कि प्रदेश में गन्ना भुगतान व भाव को लेकर आंदोलन किया जाएगा।
बुधवार को जयंत चौधरी बड़ौत में किसानों के चल रहे धरने में शामिल होने आए थे।इससे पहले उन्होंने छपरोली में पुस्तकालय के डिजिटलीकरण के कार्य का निरीक्षण किया। छपरौली की चौधरी चरण सिंह लाइब्रेरी को आधुनिक तरीके से बनाया जाएगा।
छपरौली से यहां पहुंचे जयंत चौधरी ने कहा कि किसान का दर्द सत्ता में बैठे लोग नहीं समझ पा रहे। किसानों को इस कानून से कितना दर्द होगा वह बेरहम बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने आप लोगों को किसानी की पहचान दी है। इस पहचान को समाप्त करने में वह लगे हुए हैं।
साथ ही उन्होंने कहा कि तीनों नए कृषि कानून की परिभाषा किसी राजनीतिक व्यक्ति की नहीं लग रही है। उन्होंने तीनों कानूनों को बारीकी से पढ़ा है। उसमें उन्हें लगा है कि है कारपोरेट ऑफिस में बैठकर बनाए गए है। एक भी पॉइंट इसमें ऐसा नहीं है कि वह किसानों को बर्बाद हुए बिना छोड़ दे।
पूरी तरह से तीनों कानून किसानों को बर्बाद करके ही रहेंगे। उन्होंने किसानों को आंदोलन के लिए उत्साहित करते हुए कहा कि आप लोग वही हैं जिन्होंने चौधरी चरण सिंह की स्मृति में बने किसान घाट को जबरन सरकार से छीना था आपने ही उसे बनवाया था आज उसी जगह पर चौधरी अजीत सिंह को और उन्हें जाने से रोका गया। लेकिन वह गए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
चौधरी अजीत सिंह के नेतृत्व में आपने आंदोलन शुरू किया था। तब सरकार को पीछे हटना पड़ा था। आपके द्वारा धरने का फैसला लिया गया। फैसला वाजिब है। यहां एकता बनाकर कार्य करें। साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना काल में योगी सरकार ने भी एक लैंड लिसिंग कानून बनाया है।
इस कानून में जमीन को 30 साल के किराए पर लेने की बात है। इसलिए किसानों को सावधान होकर लड़ाई लड़नी होगी। एकता के साथ रहना होगा। इस मौके पर रालोद जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना, पूर्व विधायक डॉ अजय तोमर, डॉ अजय कुमार, गजेंद्र मुन्ना, वीरपाल राठी, संजू लोयन, जिला पंचायत सदस्य चौधरी राजेन्द्र सिंह, सुबोध राणा, सुरेश राणा, अमरपाल लुहारी, बिल्लू लोहड्डा, रामकुमार चेयरफैन, संजीव मान आदि थे।

