Tuesday, May 26, 2026
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Meerut News: गजारी है गरीबों के निवाले पर डाका, लीपापोती की आशंका, डीएसओ के छापे में 100 कुंतल से ज्यादा राशन कम मिला

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: राशन घोटाले के पुराने कसूरवारों को अभी सजा तक नहीं मिली है, नतीजा गरीबों के निवाले पर डाका डालने का सिलसिला जारी है। हैरानी इस बात की है कि खुद डीएसओ ने खुद गरीबों के नाम पर दिए जाने वाले राशन की चोरी पकड़ी है और उसके बाद भी कसूरवारों पर एफआईआर नहीं की जा रही है। इस मामले को लेकर लीपापोती की आशंका जतायी जा रही है।

मामला परतापुर के एरिया थर्ड रिठानी स्थित अरुण शर्मा की राशन की दुकान का है। जहां विगत चार जून को दोपहर एक बजे खुद डीएसओ ने क्षेत्रीय खाद्य सुनील कुमार और पूर्ति निरीक्षक फिरोज अख्तर को साथ लेकर अरुण शर्मा की दुकान पर पहुंचे। दुकान पर अरुण शर्मा नहीं मिले। नियमानुसार जिनके नाम दुकान है वो यदि दुकान से अनुपस्थित होते हैं तो उन्हें पूर्व सूचना डीएसओ को देनी अनिवार्य है। दुकान को अनाधिकृत रूप से वर्णित गुप्ता व आकिब अली नाम के शख्स संचालित करते पाए गए। बकौल डीएसओ आकिब अली ने बताया कि उनके द्वारा ही ई-पॉश मशीन संचालित।

जब उनसे राशन के स्टॉक रजिस्टर मांगे गए तो उन्होंने असमर्थता व्यक्त की। वहां जब जब जांच की गयी तो 54.25 कुंतल गेंहू व 57. 24 कुंतल चावल कम पाया गया। यानि सौ कुंतल से ज्यादा गरीबों का राशन सिकमी रूप से अरुण शर्मा की दुकान संचालित करने वालों ने ठिकाने लगा। इसको लेकर अरुण शर्मा को नोटिस देकर सफाई मांगी गयी है। एक ही दुकान पर जब 100 कुंतल से ज्यादा चावल गायब है तो जिले की बाकि दुकानों यदि हिसाब जोड़ दिया जाए तो आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि गरीबों के निवालों पर कितने बड़े स्तर पर डाका डाला जा रहा है। डीएसओ ने जनता दर्शन में आयी शिकायत में जब एक अन्य मैसर्स असगरी बेगम उचित दर विक्रेता अहमद नगर को नोटिस देकर उनसे स्टॉक कम पाए जाने के बारे में जवाब तलब किया गया है। डीएसओ ने विगत दिवस आशियाना कालोनी स्थित राशन डीलर कमर जिया की दुकान पर छापा मारा। दुकान तो खुली पायी गयी लेकिन यहां भी दुकान बजाए कमर जिया के कोई नफीस संचालित कर रहे थे।

दरअसल इस दुकान की शिकायत एक उपभोक्ता द्वारा की गयी थी। जिसके बाद डीएसओ यहां पहुंचे थे। यहां से डीएसओ का काफिला सीधे हरि का पुल पहुंचा। यह दुकान किसी असगरी बेगम के नाम आवंटित है। इस दुकान को कोई नसीर अहमद संचालित कर रहा था। नसीर ने बताया कि असगरी बेगम बीमार हैं और चल फिर नहीं सकतीं। इसको लेकर डीएसओ ने असगरी बेगम को नोटिस थमा दिया है। जिसमें कहा गया है कि किसी अन्य से दुकान का संचालन कराना अनुबंध का उल्लंघन है। कार्ड धारकों को ई-पॉश मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद भी उन्हें राशन नहीं दिया जा रहा है। ऐसी शिकायतें बड़ी संख्या में डीएसओ को मिली हैं। नोटिस में साफ कहा गया है कि राशन की कालाबाजारी व मुनाफाखोरी की जा रही है। इसके अलावा स्टॉक में भी यहां कमी पायी गयी है। डीएसओ ने तीन दुकानों का निरीक्षण/छापा मारा और तीनों में ही खामियां पायी गयीं। आवंटियों ने अपनी दुकान दूसरे को ठेके पर चलाने के लिए दी हुई हैं।

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