आज की भागदौड़ और दबाव वाली जिंदगी के कारण आज सुख चैन हर एक के जीवन से विदा हो चुका है। महिलाओं पर हर तरफ से प्रेशर है। फिर जंक फूड का बढ़ता क्रेज, खानपान की गलत हैबिट्स हार्ट प्राब्लम का मुख्य कारण हैं। आज हर काम के लिये मशीनी सुविधाएं मुहैय्या हैं। टीवी कंप्यूटर महिलाओं को काउच पटैटो बना रहे हैं। ऐसे में दिल भी क्या करे, उसे मजबूत बनाने के रास्ते ही बंद हो गए हैं। न ताजी हवा मिलती है न फिजिकल एक्टिविटीज और न ही प्रॉपर एक्सरसाइज। दिल को ये ही बातें कमजोर बना देती हैं।
उषा जैन ‘शीरीं’
होम मेकर श्रेया शुक्ला करोड़पति उद्योगपति की बीवी हैं। बड़ा हाय फाय लाइफस्टाइल है उनका। लेट नाइट पार्टीज, स्मोकिंग, ड्रिंकिंग और ऐशपूर्ण लाइफ जिसमें हर काम के लिये अलग-अलग सरवेंट्स, मेड्स होने से उन्हें हाथ हिलाने की जरूरत नहीं पड़ती बस आॅर्डर करने की देर है और हर चीज हाजिर हो जाती है। पार्टीज का रिच फूड और व्यायाम, शारीरिक श्रम की कमी के कारण वे इतनी मोटी हो गई थी कि उनके लिये उठना बैठना मुश्किल हो गया था। उनका बीपी हाई रहने लगा था। दवा वे नियमित लेती न थी। आखिर फिर वे भी दिल की बीमारी की चपेट में आ ही गई।
उस समय उनके घर में पार्टी चल रही थी। वे शैंपेन का जाम दोस्तों के जाम से टकरा रही थीं कि उनके सीने से लेकर बायें हाथ तक दर्द की लहर सी दौड़ गई। शरीर पसीने से भीग गया। आंखों के आगे अंधेरा सी छाने लगा वे वहीं कुर्सी पर ढह गई। तुरंत उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां पता चला कि उन्हें माइल्ड हार्ट अटैक आया है।
महिलाओं में मेनॉपोज के बाद दिल की बीमारी का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। कुछ आजकल की लाइफ स्टाइल के कारण कम उम्र में भी महिलाएं इस बीमारी की चपेट में आ रही हैं। कुछ दशक पहले ये माना जाता था कि अपनी शारीरिक संरचना के कारण महिलाएं इस बीमारी से इम्यून रहती हैं लेकिन सर्वेक्षणों द्वारा पता चला है कि यह केवल मिथ है।
आखिर महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा क्यों बढ़ने लगा है? मेन कारण सभी जानते हैं। इतनी अवेयरनेस तो आज आ चुकी है, थैंक्स टू मीडिया। हाई कोलेस्ट्रॉल, हाइपरटेंशन, आॅबेसिटी डायबिटिज जैसे सेहत के दुश्मन तो कारण हैं ही जो स्त्री पुरूष दोनों में हार्ट प्राबलम्स के जिम्मेदार हो सकते हैं। इसके अलावा भी अन्य ऐसे कई कारण हैं, जिनके बारे में जानकर महिलाओं को सचेत रहना चाहिए।
बेहद तनावग्रस्त रहना डिप्रैस्ड रहना, इनसीक्योअर व अकेलापन महसूस कर दुखी रहना, प्यार का अभाव, अनसोशल बन के रहना जैसे भावनात्मक कारण भी हृदयरोग की ओर धकेलते हैं। महिलाएं छोटी-छोटी बात कई बार दिल पर लेकर परेशान रहने लगती हैं। ऐसा उनके अतिसंवेदनशील होने के कारण होता है। आधुनिक बनने के फेर में स्त्रियों का एक तबका सिगरेट, शराब, ड्रग्स की लत लगा बैठता है। नतीजन पुरूषों में कॉमन हार्ट प्रॉब्लम्स अब स्त्रियों में भी कॉमन हो गई हैं।
आज की भागदौड़ और दबाव वाली जिंदगी के कारण आज सुख चैन हर एक के जीवन से विदा हो चुका है। महिलाओं पर हर तरफ से प्रेशर है। फिर जंक फूड का बढ़ता क्रेज, खानपान की गलत हैबिट्स हार्ट प्राब्लम का मुख्य कारण हैं। आज हर काम के लिये मशीनी सुविधाएं मुहैय्या हैं। टीवी कंप्यूटर महिलाओं को काउच पटैटो बना रहे हैं। ऐसे में दिल भी क्या करे, उसे मजबूत बनाने के रास्ते ही बंद हो गए हैं। न ताजी हवा मिलती है न फिजिकल एक्टिविटीज और न ही प्रॉपर एक्सरसाइज। दिल को ये ही बातें कमजोर बना देती हैं। प्री एक्लेम्पिसया, प्रेग्नेंसी के समय होने वाला हाई ब्लडप्रेशर, डायबिटिज, हाई कोलेस्ट्रॉल और निष्क्रियता स्ट्रोक के खतरे को 50 से 60 बढ़ा देते हैं। माइग्रेन से जूझने वाली महिलाओं को स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है। हालांकि इसका कोई श्योर शॉट ट्रीटमेंट नहीं है लेकिन एक सुकून भरा, खुशहाल जीवन मन से जुड़े रोगों का बढि? इलाज है। दरअसल एक संतुष्ट जीवन और सकारात्मक अच्छी सोच कई रोगों को पास फटकने नहीं देती है। गर्भनिरोधक गोलियों का लगातार लंबे समय तक सेवन और हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी एच आर टी से भी स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
कैसे जानें दिल का दौरा पड़ा है
’ सीने में दबाव और दर्द हो, एंजाइना के मुकाबले यह दर्द ज्यादा देर तक रहता है।
’ सीने का दर्द गले, कंधों, पीठ तक के हिस्से में पहुंच सकता है।
’ पसीना आना, दम घुटना, चक्कर बेहोशी, जी मिचलाना, बोलने में कष्ट होना बेचैनी महसूस होना, दृष्टि धुंधली हो जाना, ये सब लक्षण नजर आने पर तुरंत अस्पताल जाएं और डॉक्टर को कंसल्ट करें। लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है।
क्या करें
’ कुछ जनरल बातें हैं जो सभी महिलाओं को फॉलो करनी चाहिए। जंक फूड कम से कम खाएं और समय-समय पर पूरा चैकअप कराती रहें ताकि बीमारी बढ़ने से पहले उस पर काबू पाया जा सके।
’ नियमित सैर, एक्सरसाइज व योग की आदत डालें। स्मोकिंग व अल्कोहल महिलाओं की
सेहत पर बुरा असर डालते हैं।
’ वजन न बढ़ने दें। उस पर कंट्रोल रखें।
’ एचआरटी पूरी तरह सेफ नहीं है।
’ 2 डी इको, लिपिड प्रोफाइल डायबिटिज के टेस्ट आपको दिल की साउंडनेस के बारे में जानकारी देते हैं।
चेकअप कब जरूरी
’ डॉक्टर्स की राय के मुताबिक जब उम्र 30 से अधिक हो, आप ओवरवेट हों, काम करते, चलते हुए सांस फूलने लगती हो आपका स्ट्रेस लेवल ज्यादा रहता हो, पेट पर फैट्स ज्यादा, कमर की चौड़ाई 80 सेंटीमीटर से ज्यादा हो।
’ गुड कोलेस्ट्रॉल 5० से कम हो।
’ फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज लेवल 100 या उससे भी ज्यादा हो।
’ हार्ट प्राब्लम की फैमिली हिस्ट्री हो।
’ किसी और से दिल लगाएं न लगाएं, अपने से दिल जरूर लगाएं। मन में जीने की पूरी उमंग रहे। अपने दिल के साथ रोज वेलेंटाइन डे मनाएं।

