Friday, March 6, 2026
- Advertisement -

130वें संविधान संशोधन पर विपक्ष को Central Home Minister अमित शाह का करारा जवाब

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 130वें संविधान संशोधन विधेयक पर विपक्ष के विरोध को लेकर तीखा हमला बोला है। एएनआई को दिए एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि कुछ नेता जेल से भी सरकार चलाने की कोशिश कर रहे हैं, जो लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस संशोधन का विरोध सिर्फ इसलिए कर रहा है ताकि भविष्य में जेल में रहते हुए भी सत्ता पर काबिज रहा जा सके।

क्या है प्रस्ताव?

हाल ही में संपन्न संसद के मानसून सत्र में गृह मंत्री अमित शाह ने 130वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया। इसके तहत प्रावधान है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई मंत्री किसी गंभीर अपराध में दोषी पाए जाते हैं और 30 दिनों के भीतर जमानत नहीं मिलती, तो उन्हें पद छोड़ना होगा। यदि वे इस्तीफा नहीं देते, तो उन्हें कानूनन पद से हटाया जा सकेगा।

शाह ने कहा, “क्या कोई मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री जेल से देश चला सकता है? यह हमारे लोकतंत्र की गरिमा के अनुकूल नहीं है। मेरी पार्टी और मैं इस विचार को पूरी तरह खारिज करते हैं।”

सत्ता का दुरुपयोग

विपक्ष ने इस संशोधन को “असंवैधानिक” बताते हुए संसद में जोरदार विरोध किया। उनका आरोप है कि यह भाजपा द्वारा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर गैर-भाजपा सरकारों को अस्थिर करने का प्रयास है।

अमित शाह का पलटवार

गृह मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा, “अगर कोई नेता जेल में है और 30 दिन तक बाहर नहीं आ पाता, तो बाकी पार्टी सदस्य सरकार चला सकते हैं। जब वह बाहर आएगा, तो फिर से शपथ ले सकता है। इसमें क्या आपत्ति है?”

उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस संशोधन में प्रधानमंत्री पद को शामिल करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी द्वारा लाए गए 39वें संशोधन के विपरीत, मोदी सरकार पारदर्शिता की दिशा में कदम उठा रही है।

राहुल गांधी पर भी निशाना

अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने पूछा, “लालू यादव को बचाने के लिए मनमोहन सरकार के अध्यादेश को राहुल गांधी ने फाड़ा था। तब नैतिकता थी, तो आज क्यों नहीं?” उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई लोग हैं जो नैतिकता का समर्थन करेंगे और विधेयक पारित होगा।

संसद में सुरक्षा और विपक्ष की नाराज़गी

संसद के अंदर CISF की तैनाती पर अमित शाह ने कहा कि यह एक सुरक्षा जरूरत है, खासकर उस घटना के बाद जब कुछ लोगों ने संसद में स्प्रे किया था। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।

जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर शाह ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है। इस पर अनावश्यक अटकलें नहीं लगानी चाहिए।

बी. सुदर्शन रेड्डी पर भी टिप्पणी

विपक्षी गठबंधन इंडिया के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी पर शाह ने हमला करते हुए कहा कि उन्होंने सलवा जुडूम का विरोध कर आदिवासियों के आत्मरक्षा अधिकार को खत्म किया, जिससे नक्सलवाद को बढ़ावा मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी चयन प्रक्रिया में वामपंथी विचारधारा ही प्रमुख रही होगी।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Jagdalpur: नक्सलियों को लगा झटका, नेपाल से गणपति गिरफ्तार, 15 नक्सली दे सकते हैं आत्मसमर्पण

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: नक्सलियों के मस्तिष्क और रणनीतिक...

‘हमारे घर तक आ गई जंग’, पश्चिम एशिया संकट पर राहुल ने पीएम मोदी से पूछा सवाल

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में...

Sonu Sood: सोनू सूद ने फिर दिखाई इंसानियत, दुबई फंसे लोगों को मदद का दिया भरोसा

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...
spot_imgspot_img