Sunday, March 15, 2026
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ED Raid: सौरभ भारद्वाज के घर ED की छापेमारी, AAP ने बताया ‘राजनीतिक साजिश’, अस्पताल निर्माण घोटाले की जांच तेज

आप नेता सौरभ भारद्वाज के 13 ठिकानों पर छापेमारी

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: दिल्ली में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज के घर समेत 13 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापा मारा है। यह छापेमारी अस्पताल निर्माण घोटाले और उससे जुड़े धनशोधन (Money Laundering) के मामले में की गई है। ईडी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई उन कथित अनियमितताओं को लेकर हो रही है जो दिल्ली सरकार की हजारों करोड़ रुपये की स्वास्थ्य परियोजनाओं में सामने आई हैं।

क्या है अस्पताल निर्माण घोटाला?

वर्ष 2018-19 में 5,590 करोड़ रुपये की लागत से 24 अस्पताल परियोजनाएं मंजूर की गई थीं।

इसमें 11 ग्रीनफील्ड और 13 ब्राउनफील्ड अस्पताल शामिल थे।

सात ICU अस्पतालों के लिए 1,125 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई, लेकिन तीन साल बाद भी केवल 50% काम ही पूरा हुआ।

लोकनायक अस्पताल की एक परियोजना में 465 करोड़ की मंजूरी के बावजूद 1,125 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।

पॉलीक्लिनिक प्रोजेक्ट में भी भारी अनियमितताओं के आरोप हैं।

उप-राज्यपाल वीके सक्सेना ने 24 जून को इस मामले की जांच की मंजूरी दी थी, जिसकी शिकायत भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने 22 अगस्त 2024 को की थी।

‘यह सब झूठा मामला है’ — आम आदमी पार्टी का पलटवार

आम आदमी पार्टी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।

EX सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा: “बीजेपी जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है। आप को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि हमने मोदी सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया।”

आप सांसद संजय सिंह: “जिस समय का केस है, उस समय सौरभ भारद्वाज मंत्री नहीं थे। सभी केस फर्जी हैं। बीजेपी की नीति है – ‘आप नेताओं को फंसा कर जेल में डालो’।”

पूर्व सीएम आतिशी: “मोदी की फर्जी डिग्री से ध्यान भटकाने के लिए रेड डाली गई है। पूरा मामला बेबुनियाद है।”

पंजाब सीएम भगवंत मान: “सत्येंद्र जैन को भी तीन साल जेल में रखा गया और अंत में क्लोजर रिपोर्ट लग गई। अब वही साजिश दोहराई जा रही है।”

क्या है अगला कदम?

सूत्रों के अनुसार, ईडी अस्पताल निर्माण घोटाले में खर्च हुए फंड, ठेके देने की प्रक्रिया, और ठेकेदारों से जुड़े लेनदेन की जांच कर रही है। संभव है कि आने वाले दिनों में पूछताछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। इस मामले में ईडी ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रेस बयान जारी नहीं किया है, लेकिन जांच तेज कर दी गई है।

राजनीतिक असर और भविष्य की राजनीति

यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब आम आदमी पार्टी विपक्ष की राष्ट्रीय राजनीति में खुद को मजबूत करने में जुटी है और केंद्र सरकार पर विपक्ष “जांच एजेंसियों के राजनीतिक दुरुपयोग” का आरोप लगा रही है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई 2025 के अंत या 2026 के लोकसभा चुनावों से पहले राजनीतिक ध्रुवीकरण को तेज कर सकती है।

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