जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को दुष्कर्म और धोखाधड़ी के पुराने मामले में पंजाब पुलिस ने हरियाणा के करनाल के डबरी इलाके से मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। लेकिन गिरफ्तारी के बाद घटनाक्रम में अचानक मोड़ आया, जब पुलिस उन्हें ले जा रही थी, उसी दौरान पठानमाजरा और उनके साथियों ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की और गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की, जिससे एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। इसके बाद विधायक और उनके साथी फरार हो गए।
पुराने दुष्कर्म मामले में हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, पठानमाजरा की गिरफ्तारी IPC की धारा 376 (दुष्कर्म) के तहत हुई है। 26 अगस्त को एक महिला ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ नई शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने यह भी कहा था कि वह विधायक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थी।
राजनीतिक बयानबाजी के चलते वापसी ली गई सुरक्षा
पठानमाजरा हाल ही में अपनी ही सरकार के खिलाफ बड़े आरोप लगाते नजर आए थे। उन्होंने पंजाब में आई बाढ़ के लिए सिंचाई विभाग के प्रमुख कृष्ण कुमार को जिम्मेदार ठहराया था और अपने सन्नौर क्षेत्र में आई बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकारी विफलताओं की आलोचना की थी। इसके बाद सरकार ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली थी।
पहले भी रहे हैं विवादों में
हरमीत सिंह पठानमाजरा का नाम पहले भी कई विवादों में रहा है:
2022 में उनकी दूसरी पत्नी गुरप्रीत कौर ने उन पर पहली शादी छिपाने और घरेलू हिंसा के आरोप लगाए थे।
एक कथित अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद भी वह सुर्खियों में रहे थे।
वकील ने बताया गिरफ्तारी को ‘राजनीतिक साजिश’
पठानमाजरा के वकील सिमरनजीत सिंह सग्गू ने कहा कि यह गिरफ्तारी एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला बाढ़ की राजनीति और सरकार की आलोचना के बाद उभरा है।
वकील ने कहा कि शिकायतकर्ता ने स्वयं स्वीकार किया है कि वह विधायक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थी और यदि संबंध सुधरते हैं तो वह उसे जारी रखने को तैयार है। ऐसी स्थिति में भी धारा 376 और 420 का लगाया जाना कानूनी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।
फायरिंग पर करनाल पुलिस की सफाई
करनाल पुलिस के प्रवक्ता के अनुसार, पठानमाजरा को पंजाब पुलिस ने हिरासत में लिया था, और वह उन्हें अपने साथ ले गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फायरिंग की घटना करनाल जिले की सीमा में नहीं हुई।
अब आगे क्या?
पठानमाजरा और उनके साथियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
पुलिस पर हमला करने और फरार होने के कारण उन पर अब अतिरिक्त धाराएं भी लग सकती हैं।
मामला अब कानूनी के साथ-साथ राजनीतिक तूल भी पकड़ता जा रहा है।

