Wednesday, April 29, 2026
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World Arthritis Day 2025: आर्थराइटिस के दर्द से परेशान? अपनाएं ये 4 आसान उपाय और पाएं आराम

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। अब जोड़ों और हड्डियों में दर्द केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गया है। विशेषज्ञों ने चेताया है कि युवा आबादी में यह समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है, और कम उम्र वाले भी इसका शिकार हो रहे हैं। गड़बड़ लाइफस्टाइल और अनियमित दिनचर्या, लंबे समय तक लगातार एक जगह बैठना, आहार में पोषण की कमी, प्रदूषण और पर्यावरणीय स्थितियां इसके पीछे मुख्य कारण हो सकते है।

आर्थराइटिस के कारण जोड़ों में सूजन और दर्द होता है। यह शरीर की गतिशीलता को प्रभावित करता है और समय पर ध्यान न देने पर जीवनभर की परेशानी बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं जिन लोगों का वजन अधिक होता है उनमें घुटनों की समस्या होने का खतरा और भी अधिक देखा जाता है, घुटने पर अतिरिक्त वजन का दबाव पड़ने से जोड़ों में दर्द और सूजन हो सकती है।

आर्थराइटिस-गठिया रोग के दूरगामी प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इस रोग से बचाव को लेकर लोगों को अलर्ट करने के उद्देश्य से हर साल 12 अक्तूबर को वर्ल्ड आर्थराइटिस डे मनाया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि जोड़ों के दर्द और जकड़न की समस्या से आराम पाने के लिए कौन से तरीके अपनाए जा सकते हैं?

कैसे पाएं घुटनों के दर्द से राहत?

नियमित व्यायाम करना हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए फायदेमंद है। आहार में कैल्शियम, विटामिन डी और ओमेगा-3 फैटी एसिड वाली चीजों को शामिल करें। घुटने के दर्द से राहत पाने के लिए घरेलू उपाय और जीवनशैली में बदलाव प्रभावी हो सकते हैं। ये उपाय न केवल दर्द को कम करते हैं, बल्कि घुटने की मांसपेशियों और जोड़ों को मजबूत भी बनाते हैं। चलिए जानते हैं आप अपने घुटनों को कैसे स्वस्थ रख सकते हैं और गठिया के दर्द से कैसे राहत पा सकते हैं?

इन पोषक तत्वों से हड्डियां होती है मजबूत

कैल्शियम, विटामिन-डी, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार आर्थराइटिस के दर्द को कम करने में मदद करता है। इसके लिए दही, दूध, बादाम, मछली, अलसी के बीज और हरी सब्जियां रोजाना खाएं। इन पोषक तत्वों से हड्डियां मजबूत होती हैं और सूजन में राहत मिलती है। प्रोसेस्ड फूड, चीनी और जंक फूड से बचें क्योंकि ये शरीर में इंफ्लेमेशन बढ़ाते हैं।

तेल से मालिश और सेकाई करें

सरसों का तेल, नारियल तेल या नीलगिरी तेल जैसे आयुर्वेदिक तेल से घुटनों की मालिश करने से भी आपको आराम मिल सकता है। यह जोड़ों की सूजन कम करने और मांसपेशियों को लचीला बनाने में मदद करता है। रोजाना सुबह-शाम 10-15 मिनट हल्के हाथों से मसाज करें। रक्त संचार बढ़ाने और दर्द से आराम पाने में इससे मदद मिल सकती है।

दर्द और सूजन कम करने के लिए हीट थेरेपी और कोल्ड थेरेपी भी बेहद प्रभावी हैं। गर्म पानी से सेक करने पर मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और जकड़न दूर होती है। वहीं, ठंडे पैक से सूजन में राहत मिलती है। दर्द के अनुसार दोनों का संतुलित उपयोग किया जा सकता है।

रोजाना व्यायाम की आदत बनाएं

नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग और योग करने से जोड़ों की जकड़न कम होती है और रक्त संचार बेहतर होता है। वॉकिंग, स्विमिंग और साइक्लिंग जैसे लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज आर्थराइटिस रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद हैं। योगासन जैसे त्रिकोणासन, भुजंगासन और वज्रासन घुटनों की लचीलापन बढ़ाते हैं। एक्सरसाइज से मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे जोड़ों पर दबाव कम पड़ता है।

वजन को बढ़ने से रोकें

वजन ज्यादा होने से घुटनों पर दबाव बढ़ता है, जिससे दर्द और सूजन भी बढ़ सकती है, इसलिए जरूरी है कि आप वजन को कंट्रोल रखें। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से वजन नियंत्रित रखें। अलसी के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करते हैं। इसके सेवन से भी वजन को बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है।

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