जनवाणी ब्यूरो |
(यूपी): कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार सुबह रायबरेली जिले के ऊंचाहार में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए हरिओम वाल्मीकि के परिजनों से मुलाकात की। यह मुलाकात फतेहपुर दौरे के दौरान की गई। राहुल गांधी ने शोकसंतप्त परिवार के साथ संवेदना जताई और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

परिजनों से भावुक मुलाकात
राहुल गांधी जब मृतक के घर पहुंचे, तो पूरा परिवार गहरे सदमे में था। इस दौरान राहुल ने हरिओम के पिता को गले लगाया और ढांढस बंधाया। मृतक की मां फूट-फूटकर रोने लगीं, तो राहुल ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें सांत्वना दी। राहुल खुद भी इस दौरान भावुक नजर आए। राहुल गांधी ने कहा, “हमारे बेटे, हमारे भाई को मारा गया है… ये लोग न्याय मांग रहे हैं, न कि कोई अपराध किया है।”
राहुल गांधी का बड़ा बयान
“यह परिवार अपराधी नहीं है, इनसे जैसे व्यवहार किया जा रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। इन्हें घर में बंद कर डराया जा रहा है।”“आज सुबह सरकार ने परिवार को मुझसे न मिलने की धमकी दी। ये गलत है।”“जो अपराधी हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, उनकी रक्षा मत कीजिए।”“जहां-जहां दलितों पर अत्याचार होगा, कांग्रेस वहां खड़ी होगी।”
क्या है मामला?
2 अक्टूबर 2025 को रायबरेली के ऊंचाहार में भीड़ ने हरिओम वाल्मीकि को चोर समझकर बुरी तरह पीटा। पिटाई के दौरान हरिओम ने अपना नाम और पता बताया, लेकिन मदद नहीं मिली। अस्पताल में इलाज के दौरान हरिओम की मौत हो गई। यह घटना पूरे देश में मॉब लिंचिंग और दलित उत्पीड़न को लेकर आक्रोश का कारण बनी।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
प्रशासन ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पीड़ित की बहन को सरकारी नौकरी दी गई है।
परिवार को सुरक्षा भी मुहैया कराई गई है।
“राजनीति नहीं चाहिए”
राहुल गांधी के दौरे से ठीक पहले, मृतक हरिओम के भाई शिवम ने कहा “हम सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हैं। हमें किसी राजनीतिक पार्टी से कोई समर्थन नहीं चाहिए। हम चाहते हैं कि इस मुद्दे पर कोई राजनीति न हो।” इस बयान से साफ है कि परिवार अब राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रहना चाहता है।

