Monday, March 16, 2026
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UP News: अखिलेश यादव के ‘दिवाली-क्रिसमस’ बयान पर गरमाई सियासत, विहिप का पलटवार-“सनातन विरोधी मानसिकता से कब मुक्त होंगे?”

जनवाणी ब्यूरो |

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव के ‘दिवाली-क्रिसमस’ वाले बयान पर अब विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने अखिलेश यादव पर सनातन संस्कृति के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि वह दीपावली की महत्ता को कम करके एक बार फिर अपनी सनातन विरोधी सोच को सामने ला रहे हैं।

क्या कहा था अखिलेश यादव ने?

अखिलेश यादव ने हाल ही में एक बयान में कहा था “सरकार अयोध्या में हर साल दीयों पर बार-बार इतना धन क्यों खर्च कर रही है, यह समझ से परे है। दुनिया के कई देशों में क्रिसमस पर महीनों तक रोशनी रहती है, उनसे सीखना चाहिए। हमारी सरकार आएगी तो हर साल कुम्हारों से एक करोड़ दीये खरीदे जाएंगे ताकि उनका रोजगार बढ़े।”

“क्रिसमस दो महीने बाद आता है”

अखिलेश यादव के इस बयान पर विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने पलटवार करते हुए कहा “जब ईसाई धर्म था ही नहीं, तब से भारत में दिवाली मनाई जा रही है। और आज ये लोग दिवाली की तुलना क्रिसमस से कर रहे हैं। क्रिसमस दो महीने बाद आता है, लेकिन उन्हें यह भी नहीं पता कि कौन सा त्योहार कब आता है।”

“कुम्हारों की चिंता नहीं, पीडीए की रोशनी से डर”

बंसल ने तंज कसते हुए कहा “दीये बनाने वाला कुम्हार समाज, जिस पर हमें गर्व है, अपने दीयों से पूरी दुनिया को रोशन करना चाहता है। लेकिन अखिलेश यादव को इस बात की चिंता है कि कहीं पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का समाज भी रोशन न हो जाए, उनकी कमाई न बढ़ जाए।”

“दिवाली पर प्रवचन, क्रिसमस की पैरवी?”

विहिप ने सवाल उठाते हुए कहा कि “दिवाली जैसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्व को लेकर यह बयान देना दुर्भाग्यपूर्ण है। जब दुनिया भारत की परंपराओं की ओर आकर्षित हो रही है, तब एक जिम्मेदार नेता द्वारा ऐसी तुलना राजनीतिक माइलेज के लिए की गई दिखती है।”

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