जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा और उनकी पत्नी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना के खिलाफ हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई उनके बेटे अकील अख्तर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में की गई है। पंचकूला पुलिस ने मृतक की पत्नी और बहन को भी आरोपी बनाया है।
मलेरकोटला निवासी शमसुद्दीन चौधरी की शिकायत पर मामला दर्ज
मलेरकोटला के रहने वाले शमसुद्दीन चौधरी की लिखित शिकायत पर पंचकूला के एमडीसी थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 120B (षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अकील की मौत सामान्य नहीं थी, बल्कि इसमें परिजनों की संदिग्ध भूमिका हो सकती है।
27 अगस्त के वीडियो में लगाए थे गंभीर आरोप
शिकायत के मुताबिक, मृतक अकील अख्तर ने 27 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों पर मानसिक और भावनात्मक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो में अकील ने यह भी कहा था कि “उसे जान का खतरा है।”
डिजिटल सबूत और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की जांच की मांग
शिकायत में अकील के सोशल मीडिया वीडियो, कॉल रिकॉर्ड, अन्य डिजिटल सबूतों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की जांच की मांग की गई थी। पुलिस ने सभी सबूतों को संज्ञान में लेते हुए केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने गठित की SIT
पंचकूला पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। SIT अब सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, “यह जांच निष्पक्ष और गहराई से की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अकील अख्तर की मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई।”
क्या कहता है कानून?
भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी पाए जाने पर मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। वहीं, धारा 120B (षड्यंत्र) में साजिश के लिए शामिल सभी लोगों पर समान सजा का प्रावधान है।

