जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: गोवा के एक नाइटक्लब में लगी भीषण आग के मामले में दिल्ली से एक और गिरफ्तारी की गई है। इस अग्निकांड में 25 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें ज्यादातर क्लब के कर्मचारी थे। गोवा पुलिस ने दिल्ली के सब्जी मंडी इलाके से नाइटक्लब के एक कर्मचारी भरत कोहली को हिरासत में लिया है। क्लब के एक प्रबंधक से पूछताछ के दौरान उसके नाम का खुलासा होने के बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई की। कोहली नाइटक्लब के दैनिक संचालन की देखरेख करता था और उसे पूछताछ के लिए गोवा ले जाया जाएगा।
शनिवार रात उत्तरी गोवा के अरापोरा स्थित ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में लगी आग ने पूरे राज्य में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्लब के अंदर लगभग पौने ग्यारह बजे की गई आतिशबाजी से आग भड़की। धुएं के कारण अधिकांश लोगों का दम घुट गया क्योंकि वे ग्राउंड फ्लोर और रसोई क्षेत्र में फंस गए थे। संकरी सड़कें, छोटे दरवाजे और क्लब तक सीमित पहुंच के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हुआ। दमकल वाहनों को 400 मीटर दूर पानी के टैंकर तैनात करने पड़े।
इस मामले में पुलिस पहले ही चार अधिकारियों मुख्य महाप्रबंधक राजीव मोदक, महाप्रबंधक विवेक सिंह, बार प्रबंधक राजीव सिंघानिया और गेट प्रबंधक प्रियांशु ठाकुर को गिरफ्तार कर चुकी है। चारों को अदालत में पेश किए जाने के बाद छह दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। अब दिल्ली से हुई पांचवीं गिरफ्तारी के बाद जांच और तेज हो गई है।
घटना के बाद प्रशासन ने रोमियो लेन चेन के वैगेटर और असागाओ में स्थित दो अन्य क्लब और एक तटीय ढाबे को भी बंद कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इन प्रतिष्ठानों में भी कई अनियमितताएँ और विवाद सामने आए थे।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि क्लब ने आग सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया था और कई गंभीर खामियां प्रारंभिक जांच में उजागर हुई हैं। उन्होंने मुख्य सचिव और डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि उन सरकारी अधिकारियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जिन्होंने नियमों का उल्लंघन होने के बावजूद क्लब को संचालन की अनुमति दी थी।

