जनवाणी संवाददाता |
बागपत: कड़ाके की ठंड व कोहरे से शहरवासी सहम गए है, क्योंकि पिछले कई दिनों से लगातार कोहरा व ठंड पड़ रही है, जिससे हर कोई परेशान होता दिखाई दे रहा। दिन पर दिन बढ़ती ठंड से तो हर कोई घर में रहने को मजबूर हो गया है, क्योंकि ऐसी ठंड में कोई भी घर से बाहर नहीं निकलना चाहता और शहरवासी ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे है, ताकि कुछ ठंड तो दूर हो सके।
इतना ही नहीं ठंड से शरीर को बचाने के लिए चादर व गर्म कपड़ें पहनकर घर से बाहर निकलने को लोग मजबूर हो रही है, क्योंकि यदि ठंड लग गयी तो वह बीमारी की चपेट में आ सकते है। भगवान सूर्यदेव भी लोगों का साथ नहीं दे रहे है, क्योंकि वह ठंड के कारण बदलों के बीच छिप रहे है।
यदि धूप निकल जाती तो लोगों को थोड़ी ठंड से राहत मिल जाती। वहीं कोंहरे के कारण वाहन चालकों को लाइट जलाकर ही आगे चलने पड़ रहा है, क्योंकि कोहरा इतना अधिक है कि वाहन को तेजी से नहीं चला सकते। इसके कारण ही हाइवे पर वाहनों की पूरी तरह से रफ्तार थम चुकी है, जिससे वह काफी परेशान हो रहे। वहीं एक्सप्रेस-वे पर भी वाहनों की रफ्तार रूक गयी, जिससे काफी दिक्कत हुई।
सर्दी बढ़ने से शहरवासियों की परेशानी भी बढ़ रही है। एक ओर पहाड़ों से होकर मैदानी क्षेत्र को ठंडा करने वाली हवाएं उनके लिए मुसीबत बनी हुई हैं। वहीं दूसरी ओर कोहरा राहगीरों का रास्ता रोक रहा है। पिछले कई दिन से रात में कोहरा गहराने से राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
शुक्रवार को भी कोहरे की चादर ओढ़कर दिन निकला। दिन पर दिन बढ़ती ठंड से तो हर कोई घर में रहने को मजबूर हो गया है, क्योंकि ऐसी ठंड में कोंई भी घर से बाहर नहीं निकलना चाहता। दिसंबर का माह शुरू होते ही ठंड ने लोगों को अपनी जकड़ में लेना शुरू कर दिया था और अब दिसंबर माह भी खत्म हो गया है, लेकिन ठंड भी दूर होने का नाम नहीं ले रही है।
शहरवासी ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे है, ताकि कुछ ठंड तो दूर हो सके। लेकिन जब तक वह अलाव के पास बैठे रहते है तब तक तो ठंड नहीं लगती है। जब वह अलाव से दूर होते है तो ठंड लगनी शुरू हो जाती है। इतना ही नहीं ठंड से शरीर को बचाने के लिए चादर व गर्म कपड़ें पहनकर घर से बाहर निकलने को लोग मजबूर हो रही है, क्योंकि यदि ठंड लग गयी तो वह बीमारी की चपेट में आ सकते है।
इसलिए हर कोई ठंड से बचने के लिए नए-नए तरीके ढूंढ रहा है। भगवान सूर्यदेव भी लोगों का साथ नहीं दे रहे है, क्योंकि वह ठंड के कारण बदलों के बीच छिप रहे है। उन्होंने सोचा कि यदि सूर्यदेव अपने थोडेÞ से दर्शन देते तो शायद ठंड दूर हो जाती, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा।
वहीं कोहरे के कारण वाहन चालकों को लाइट जलाकर ही आगे चलने पड़ रहा है, क्योंकि कोहरा इतना अधिक है कि वाहन को तेजी से नहीं चला सकते। कोहरे के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बाजारों में छाया सन्नाटा
ठंड व कोहरे के कारण बाजार में भी सन्नाटा छाया हुआ है, क्योंकि कोई भी घर से बाहर नहीं निकल रहा है। इसके कारण बाजार सुनसान पड़े हुए है और दुकानदार भी ग्राहकों का इंतजार करते हुए देखे जा सकते है। किसी की भी हिम्मत घर से बाहर निकलने की नहीं हो रही है।

