जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों पर चिंता जताई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कहा कि सिर्फ 17 राज्यों/यूटी में ही नियमित प्रेस ब्रीफिंग हो रही है, जो स्थिति संभालने के लिए पर्याप्त नहीं है।
राज्यों से मजबूत संचार की अपील
पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में अभी भी गलत जानकारी और अफवाहें फैल रही हैं, जिससे लोगों में डर और पैनिक बायिंग की स्थिति देखी जा रही है। मंत्रालय ने राज्यों से अपील की है कि वे अपनी संचार व्यवस्था मजबूत करें ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे।
वर्तमान में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में नियमित या अंतराल पर प्रेस ब्रीफिंग हो रही है। केंद्र ने बाकी राज्यों से भी तुरंत इसी तरह की व्यवस्था करने को कहा है।
मंत्रालय की सलाह और निर्देश
मंत्रालय ने राज्यों को सुझाव दिया कि वरिष्ठ स्तर पर रोजाना प्रेस ब्रीफिंग की जाए और सोशल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से सही जानकारी साझा की जाए, ताकि लोगों का भरोसा बनाए रखा जा सके और अफवाहें रोकी जा सकें।
साथ ही, जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह कदम 27 मार्च को जारी चेतावनी के बाद आया है, जिसमें मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन पर असर की बात कही थी।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि फर्जी खबरों के कारण घरेलू वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ रहा है, इसलिए समय पर और सटीक जानकारी प्रदान करना जरूरी है।

