नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के अधिकांश हिस्सों में दस्तक देकर लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई है। हालांकि, बारिश अपने साथ कई राज्यों में तबाही भी लेकर आई है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, जबकि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों में लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पंजाब और हरियाणा में रुक-रुक कर हुई बारिश के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में भी मानसून की बारिश से गर्मी और धूल भरी आंधी से राहत मिली है। हालांकि, मौसम विभाग ने राजस्थान के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में आने वाले दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
पंजाब में बारिश के बाद अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। राज्य में सबसे अधिक तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रोपड़ में रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
दिल्ली-एनसीआर में मानसून की दस्तक
दक्षिण-पश्चिम मानसून अब दिल्ली-एनसीआर पहुंच चुका है। बृहस्पतिवार सुबह से हल्की से मध्यम बारिश होने के कारण राजधानी में भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। दिल्ली का अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.6 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.1 डिग्री कम है।
आईएमडी के अनुसार, मानसून की रेखा तेजी से आगे बढ़ी है और अब पूरी दिल्ली, उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों, पंजाब, हरियाणा तथा मध्य प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों को कवर कर चुकी है।
दिल्ली-एनसीआर में तीन दिन तक बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इस दौरान 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान आने की भी आशंका है।
बीते 24 घंटों के दौरान मुंबई और कोंकण क्षेत्र में 21 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिससे कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में भी 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई।
कई राज्यों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट
मानसून की सक्रियता को देखते हुए मौसम विभाग ने गुजरात, कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक और मध्य महाराष्ट्र के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 204.5 मिलीमीटर से अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ, ओडिशा और सौराष्ट्र-कच्छ में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बिहार, झारखंड, तेलंगाना, केरल और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में येलो अलर्ट प्रभावी है।
उत्तराखंड में बदरीनाथ हाईवे साढ़े 11 घंटे बंद
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पगलानाला और गुलाबकोटी के पास भारी मात्रा में मलबा आ गया। इससे हाईवे करीब साढ़े 11 घंटे तक बंद रहा और दोनों ओर करीब आठ हजार श्रद्धालु व अन्य यात्री फंस गए। शाम करीब साढ़े चार बजे मार्ग बहाल होने के बाद आवाजाही शुरू हो सकी।
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में भारी नुकसान
जम्मू-कश्मीर में लगातार दूसरे दिन बादल फटने की घटनाओं के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ आ गई और एक सड़क बह गई।
हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से हालात गंभीर बने हुए हैं। चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ से एक मंदिर के पास बना अस्थायी लकड़ी का पुल बह गया, जिससे करीब 30 श्रद्धालु कुछ समय के लिए फंस गए। राज्य में 46 सड़कें बंद हैं, जबकि 181 बिजली ट्रांसफार्मर और छह पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने 2 से 5 जुलाई के बीच राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
असम में अब भी 25 हजार से अधिक लोग बाढ़ प्रभावित
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, राज्य में बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन धेमाजी और डिब्रूगढ़ जिलों में अब भी 25 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। इनमें अकेले धेमाजी जिले में 21 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
प्राधिकरण ने बताया कि दोनों जिलों में चार राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। अभी भी 52 गांव जलमग्न हैं और लगभग 393.44 एकड़ कृषि भूमि बाढ़ के पानी में डूबी हुई है। प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री और आवश्यक खाद्यान्न पहुंचाया जा रहा है।

