जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राज्यसभा में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक स्थिति बन सकती है। पहली बार किसी मनोनीत सांसद को उपसभापति (डिप्टी चेयरमैन) का पद मिल सकता है। इस नाम का ऐलान हो चुका है, हरिवंश नारायण सिंह, जिन्हें हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए मनोनीत किया था।
विपक्ष इस फैसले को लेकर असंतुष्ट है। कांग्रेस समेत कई दलों का आरोप है कि हरिवंश नारायण सिंह के नामांकन के लिए विपक्ष के साथ कोई पूर्व चर्चा नहीं की गई। इसके अलावा, विपक्ष का यह भी कहना है कि भाजपा ने पिछले सात साल से लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद खाली रखा है। ऐसे में विपक्ष ने उपसभापति के चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
दिलचस्प बात यह है कि हरिवंश नारायण सिंह इस पद पर पहले से ही कार्यरत रह चुके हैं। 2018 से वे उपसभापति हैं और अब एक बार फिर मनोनीत सांसद के तौर पर इस पद को ग्रहण कर सकते हैं। इस मौके पर जानना जरूरी है कि आखिर वे कौन हैं और उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा है।

