पहले भक्त अपने दिमाग का इस्तेमाल करते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। वे अपने आराध्य की हरेक बात को सही मान लेते हैं। भक्त और भगवान दोनों का ही एक-दूसरे पर भरोसा कायम है। यहां मैं राजनीतिक भक्तों की बात कर रहा हूं। नेताजी ने भक्तों को समझा दिया है कि विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल को गिरा दिया। इसे भी भक्तों ने सही मान लिया जबकि इसी विपक्ष ने 2023 में महिला आरक्षण विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया था। वह बिल अभी भी वजूद में है। तीन तीन बिल का ऐसा घालमेल तैयार किया गया ताकि वह पास न हो सके।
इस बिल के पास न होने पर विपक्ष जितना प्रसन्न है उससे ज्यादा प्रसन्न सत्ता पक्ष है। ऐसा खुशनसीब बिल 80 बरस में पहली बार आया है। ये तीनों बिल गिराने के लिए ही पेश किए गए थे। इन बिल का उद्देश्य अब समझ में आ रहा है। विपक्ष को महिला विरोधी बताया जा रहा है जबकि पूरा विपक्ष 543 संसदीय सीटों पर ही 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए चुनौती दे रहा है। इस घटनाक्रम से यह समझ आया कि सत्ता पक्ष को दरबारी मीडिया और अपने प्रचार तंत्र पर पूरा भरोसा है। उन्हें भरोसा है कि वे झूठ को सच साबित कर पांच राज्यों के चुनाव में इसका लाभ ले सकते हैं वे पहले भी ऐसा कर चुके हैं। उनमें गजब का आत्मविश्वास है। इस आत्मविश्वास का कारण नासमझी है या सत्ता की शक्ति, यह बताना मुश्किल है।
किसी नेता की भक्ति के लिए नासमझी जरूरी है। भक्तों में गजब का आत्मविश्वास होता है इसका कारण परसाई जी पहले ही बता चुके हैं-आत्मविश्वास धन का होता है, विद्या का भी और बल का भी, पर सबसे बड़ा आत्मविश्वास नासमझी का होता है। आजकल एक भक्त खोजो, हजारों मिलते हैं इनसे बचना कठिन है। इनसे बहस करना उतना ही कठिन है जितना कि महिलाओं को संसद में आरक्षण प्रदान करना। रास्ते में शर्मा जी मिल गए जो भक्त नहीं हैं।
मैं : क्या विपक्ष ने महिला आरक्षण विधेयक को रोक दिया है?
शर्मा : नहीं बिल्कुल नहीं, बल्कि इस बिल को सत्ता पक्ष ने ही रोका है।
मैं : फिर सत्ता पक्ष इतना प्रचार क्यों कर रहा है?
शर्मा : वैसे जनता सब समझ रही है।
मैं : लेकिन नेताजी और कुछ समझाने में लगे हैं।
शर्मा : विश्व के सबसे झूठे नेता ने उन्हें ‘टफ बारगेनर’ कहा था, परंतु मैं उन्हें टफ नेता मानता हूं जो कोई भी टफ काम कर सकते हैं। यह काम भी काफी टफ है। वैसे भक्त भी इस काम में उनके साथ लगे हुए हैं।
मैं : वैसे भक्त से आप बहस में जीत नहीं सकते।
शर्मा : लेकिन मैंने आज एक भक्त को निरुत्तर कर दिया।
मैं : वह कैसे?
शर्मा : मैंने उनसे कहा कि जो आदमी एक महिला के अधिकार की रक्षा नहीं कर सका, वह कैसे 70 करोड़ महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करेगा?

