अम्बिका
यदि आप पसीने की बदबू से परेशान हैं तो आपको हम कुछ आसान व लाभदायक नुस्खे देते हैं जिससे आप इस परेशानी से बच सकते हैं। पसीना व इससे पैदा होने वाले कीटाणु ही आपके बदन में बदबू पैदा करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि यदि आप ज्यादा चिंतित रहते हैं या जब भी आपका मूड बिगड़ जाता है या ज्यादा गुस्सा आता है तब यह परेशानी बढ़ जाती है।
जब भी पसीना आता है हम तुरन्त रूमाल से पोंछ तो लेते हैं लेकिन इससे कीटाणु नष्ट नहीं होते। जिन लोगों को ज्यादा पसीना आता है, उनहें साबुन का इस्तेमाल करना चाहिए। यह कीटाणु पैदा होने से रोकता है। कम से कम दो बार नहाना चाहिए, सुबह और रात को सोने से पहले। गर्मी के मौसम में तो सभी को ज्यादा पसीना आता है इसलिए बार-बार हाथ मुंह धोने से ही फर्क नहीं पड़ेगा। आपको अपने अंतरंग वस्त्र भी कम से कम दो बार बदलने चाहिए।
जिन लोगों को पसीने की शिकायत हो, उन्हें केवल सूती कपड़े पहनने चाहिए। सूती कपड़े पसीने को सोखते हैं और इससे पसीना सूखता है और कम बदबू आती है।
आमतौर पर आजकल सभी लोग डिओडोरेन्ट स्प्रे लगाते हैं लेकिन यह केवल कुछ देर ही समय के लिए फायदा करते हैं। यदि आपको बहुत अधिक पसीना आता है तो दवाइयों की दुकान से एक एंटीबायोटिक क्रीम मिलती है। आपको उसका उपयोग करना चाहिये।
नहाने के पानी में बाथ सॉल्ट मिलाने से आप दिन भर ताजगी महसूस करेंगे। यदि आपके पास यह न हो तो आप गुलाब का पानी मिला सकते हैं। यदि आप नहाने के पानी में यू डी कोलोन की बूंदें डालें तो आप काफी घण्टे तक ताजगी महसूस करेंगे।
अगर फिर भी फर्क न पड़े तो आप बाजार में उपलब्ध कीटाणुनाशक और दवाई युक्त साबुन जिनमें डेटोल जैसी दवाइयां व नीम, चंदन और कई कीटाणु नाशक जड़ी बूटियां होती हैं उनको इस्तेमाल करें। उनके इस्तेमाल से न केवल आपकी त्वचा साफ व सुन्दर रहेगी, आपको पसीना भी कम आएगा।
गर्मियों में और बारिश में चिपचिपाहट ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे मौसम में आप यदि अपनी खुराक का ध्यान रखें तो भी फर्क पड़ेगा आपको पसीना रोकने में। इन दिनों आप मछली,ज्यादा मिचीर्युक्त खाना व अधिक लहसुन का प्रयोग न करें। अधिक चिंता करने से आपको तुरंत पसीना आता है।
यदि आप खुद को चिंताग्रस्त महसूस कर रहे हैं तो आपको कोलोन साथ रख लेना चाहिये और रूमाल पर कुछ बूंदें छिड़क कर माथे तथा चेहरे पर हलके-हल्के मलें। इससे आपको शांति महसूस होगी और कम पसीना आएगा।

