नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। हाल ही में फिल्म ‘काला हिरण’ का ट्रेलर रिलीज होने के बाद यह चर्चा का विषय बन गई है। दावा किया जा रहा है कि फिल्म अभिनेता सलमान खान से जुड़े काला हिरण शिकार मामले पर आधारित है। ट्रेलर सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया है और सलमान खान ने फिल्म के खिलाफ अदालत का रुख किया है। इस बीच फिल्म के लीड एक्टर सोनू मिश्रा ने भी प्रोजेक्ट से खुद को अलग कर लिया है।
‘प्रोपेगैंडा का हिस्सा नहीं बन सकता’
बातचीत के दौरान सोनू मिश्रा ने बताया कि उन्हें फिल्म में सलमान खान का किरदार निभाना था। उन्होंने कहा, “जब मुझे लगा कि यह फिल्म एक सुपरस्टार की छवि और राजस्थान की संस्कृति को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई जा रही है, तो मेरे नैतिक मूल्यों ने मुझे इसका हिस्सा बनने की अनुमति नहीं दी। मेकर्स के साथ रचनात्मक मतभेदों के बाद मैंने फिल्म छोड़ने का फैसला किया।” सोनू मिश्रा ने यह भी दावा किया कि फिल्म की पूरी स्क्रिप्ट उनके साथ साझा नहीं की गई थी।
‘बिश्नोई समाज पर सकारात्मक फिल्म बने तो खुशी होगी’
अभिनेता ने कहा कि यदि बिश्नोई समुदाय पर आधारित किसी फिल्म का उद्देश्य समाज के सकारात्मक कार्यों को सामने लाना हो, तो उन्हें उसमें काम करने में कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा, “बिश्नोई समुदाय मेरा अपना समाज है। समाज और पर्यावरण संरक्षण के लिए उनके योगदान पर फिल्में बननी चाहिए, मैं ऐसे किसी प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के लिए तैयार हूं।”
1 जुलाई को होगी सुनवाई
सोनू मिश्रा ने बताया कि फिल्म पर रोक लगाने की याचिका पर 1 जुलाई को सुनवाई होनी है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
फिल्म के खिलाफ कोर्ट पहुंचे सलमान खान
फिल्म को लेकर सलमान खान भी अदालत पहुंच चुके हैं। उनका कहना है कि फिल्म उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करती है और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म के निर्माण, प्रचार और रिलीज पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई आगे बढ़ा दी थी, क्योंकि फिल्म निर्माताओं की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था।
सुनवाई के दौरान सलमान खान की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने अंतरिम राहत की मांग करते हुए कहा कि फिल्म निर्माता बिना अनुमति अभिनेता की पहचान और निजी जीवन का व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं।
वहीं, फिल्म निर्माताओं के वकील ने अदालत को बताया कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिली हैं, जिसके संबंध में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी।

