जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के श्रद्धालुओं के नाम एक विशेष पत्र लिखकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन हर शिवभक्त के लिए सौभाग्य का विषय हैं। यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता, सेवा भावना और राष्ट्रीय एकजुटता का भी प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से सुरक्षित यात्रा करने, पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखने और स्थानीय लोगों का सहयोग करने की अपील की। साथ ही उन्होंने यात्रा को सेवा और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाने के लिए पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि ज्येष्ठ पूर्णिमा पर प्रथम पूजा के साथ ही बाबा अमरनाथ के दर्शन का पावन क्रम शुरू हो जाता है। देश के विभिन्न राज्यों, भाषाओं और संस्कृतियों से जुड़े लाखों श्रद्धालु एक ही आस्था के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यही विविधता में एकता भारत की सबसे बड़ी पहचान है और अमरनाथ यात्रा इस भावना को और अधिक मजबूत करती है।
उन्होंने यात्रा के सफल और सुरक्षित संचालन के लिए श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन, भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ, एनडीआरएफ, चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, सफाई कर्मचारियों तथा स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सभी के समर्पण और सेवा भावना से श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित बनती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने श्रद्धालुओं से पांच महत्वपूर्ण संकल्प अपनाने का आग्रह किया। पहला, यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखें और किसी भी प्रकार की गंदगी न फैलाएं। दूसरा, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें तथा मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी बरतें। तीसरा, ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को बढ़ावा देते हुए यात्रा पर होने वाले कुल खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा जम्मू-कश्मीर के स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करें, ताकि स्थानीय लोगों की आजीविका को मजबूती मिले। चौथा, रक्षाबंधन के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण करें। पांचवां, ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल भगवान शिव के दर्शन की यात्रा नहीं है, बल्कि यह भारत की सनातन परंपरा, सेवा और सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिक श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं, जबकि देशभर से आए लोग लंगर और भंडारों के माध्यम से निःस्वार्थ सेवा करते हैं। यह परंपरा भारतीय संस्कृति के ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के आदर्श को साकार करती है और भाईचारे तथा राष्ट्रीय एकता का संदेश देती है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। मौसम संबंधी चेतावनियों और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना प्रत्येक श्रद्धालु की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों और प्रशासन का उद्देश्य सभी श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना है, इसलिए सभी को सहयोग की भावना के साथ नियमों का पालन करना चाहिए।
अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा अमरनाथ से सभी श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बाबा बर्फानी सभी के जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना और आध्यात्मिक शक्ति का संचार करेंगे तथा इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा आस्था, सेवा, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रभक्ति का भव्य उत्सव बनकर प्रत्येक श्रद्धालु के लिए अविस्मरणीय अनुभव सिद्ध होगी।

