जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के नाम पर 9 अगस्त को प्रस्तावित कारसेवा से जुड़े पोस्टर और संदेश सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मथुरा पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने और सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने से रोकने के लिए पुलिस ने कथावाचक ठाकुर देवकीनंदन, साध्वी ऋतंभरा, स्वामी सच्चिदानंद महाराज समेत 12 प्रमुख संतों और धर्माचार्यों को रेड कार्ड नोटिस जारी किया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राधाकुंड के जुलैंदी स्थित श्रीचित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी सच्चिदानंद चित्रगुप्त महाराज की ओर से 9 अगस्त को कारसेवा के आह्वान से जुड़ा एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पोस्ट में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का संकल्प लेने और कारसेवा के लिए लोगों से जुटने का आह्वान किया गया था। संदेश के तेजी से प्रसारित होने और इसमें अन्य संतों के नाम जुड़ने के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया।
इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया सेल को अलर्ट कर दिया गया। इसके साथ ही पुलिस ने संभावित तनाव को देखते हुए निरोधात्मक कार्रवाई शुरू कर दी। संतों और धर्माचार्यों को जारी रेड कार्ड नोटिस में पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक भावनाओं को भड़काने या समाज में उत्तेजना पैदा करने वाली सामग्री प्रसारित न करने की चेतावनी दी है।
नोटिस में विशेष रूप से श्रीकृष्ण जन्मस्थान और उसके आसपास किसी भी ऐसी गतिविधि से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों की अवहेलना कर किसी तरह की गतिविधि किए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शंखनाद और जलाभिषेक के एलान से बढ़ी सतर्कता
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के लिए शंखनाद और पत्थर तराशने का काम शुरू करने के एलान के बीच शनिवार को शाही मस्जिद ईदगाह पर जलाभिषेक कारसेवा की घोषणा ने भी पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। राष्ट्रीय हनुमान दल की ओर से कार्यक्रम को लेकर पत्र मिलने के बाद मथुरा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और दूसरे जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। वहीं, अधिकारियों ने संगठन के पदाधिकारियों से बातचीत कर कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कार्यक्रम स्थगित करने के लिए समझाया।
इसी बीच राष्ट्रीय हनुमान दल के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री तरुण कुमार गुप्ता ने आधिकारिक पत्र जारी कर जलाभिषेक कारसेवा कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित करने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि भारी भीड़ और शांति व्यवस्था को देखते हुए कार्यक्रम स्थगित किया गया है। अगली तारीख साधु-संतों से परामर्श के बाद सावन माह समाप्त होने के पश्चात तय की जाएगी।
शाही ईदगाह पर दिनभर रही पुलिस की निगरानी
शनिवार को पूरे दिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की नजर शाही मस्जिद ईदगाह परिसर पर बनी रही। परिसर में प्रवेश करने वाले लोगों से पूछताछ की गई और पहचान पत्र तथा प्रवेश के कारणों की जांच के बाद ही उन्हें अंदर जाने की अनुमति दी गई। जिन लोगों के पास वैध पहचान पत्र या उचित कारण नहीं था, उन्हें गेट से ही वापस कर दिया गया।
उधर, श्रीचित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज द्वारा 9 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के लिए शंखनाद करने और पत्थर तराशने का कार्य शुरू करने की घोषणा के बाद से भी प्रशासन सतर्क था। इसके लिए राजस्थान के भरतपुर स्थित बंशी पहाड़पुर से गुलाबी पत्थरों की पहली खेप मंगाए जाने की बात सामने आई थी।
हालांकि जलाभिषेक कारसेवा स्थगित किए जाने के बाद पुलिस और प्रशासन ने फिलहाल राहत की सांस ली है। इसके बावजूद संवेदनशील क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले संदेशों पर भी नजर रखी जा रही है।

