- पोल्ट्री फार्म पर चिकन के दाम भी गिरे, बाजार में नहीं दिखा उतना असर
- संक्रमण के खतरे के चलते जारी किया गया रेड अलर्ट
- परिंदों की मौत पर पशु चिकित्सा अधिकारी का सूचना देने का आग्रह
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बर्ड फ्लू की आशंका से चिकन कारोबारी बुरी तरह से डरे हुए हैं। इनमें से ज्यादा ऐसे हैं लॉकडाउन के दौरान जिन्होंने बड़ा नुकसान उठाया है। उनका कहना है कि किसी तरह दोबार कामकाज जोड़ा है, यदि बर्ड फ्लू जैसा की सुनने में आ रहा है संक्रमण हरियाणा-पंजाब से दिल्ली व एनसीआर में आ गया तो करोड़ों का नुकसान होगा। इस बार यदि नुकसान हुआ तो उबर नहीं पाएंगे।
कंपनी कर रहीं सप्लाई
लॉकडाउन में हुए नुकसान की भरपाई अभी तक नहीं की जा सकी है। कारोबारी बताते हैं कि इस बार खुद माल नहीं उठा पा रहे हैं बल्कि बड़ी चिकन कंपनी के सहारे काम धंधा जोड़ने की कवायद कर रहे हैं, लेकिन चिकन सप्लाई करने वाली कंपनी भी एक दो दिन से ज्यादा का उधार नहीं करते। कंपनी भी इधर माल लो उधर पैसा दो के हिसाब से काम करती है।
खतरे से बेखबर लोग मांगे सस्ता चिकन
बर्ड फ्लू के खतरे से पूरी तरह से बेखबर लोगों को चिकन के सस्ता होने का इंतजार है। उनका कहना है कि पहले भी बर्ड फ्लू के नाम पर दहशत फैलाई गई थी, वैसा ही कुछ इस बार भी हो जाए तो कम से कम सस्ता चिकन तो खाने को मिले।
सोतीगंज स्थित एक चिकन की दुकान पर मौजूद शख्स से जब बर्ड फ्लू के खतरे को लेकर सवाल किया तो उनका कहना था पहले भी अफवाह फैलाई थी, लेकिन चिकन सस्ता हो गया था। 40 रुपये तक चिकन लिया था। इस बार भी यदि अफवाह से चिकन सस्ता हो जाए तो मीडिया खूब अफवाह फैलाए। दुकानदार ने भी बताया कि जो लोग 180 के भाव पर चुपचाप ले जाते थे वो अब पूछते हैं कि क्या रेट कुछ कम हुआ है।

बिक्री पर दिखा असर
लिसाड़ी रोड पर चिकन के कारोबारी नईम बताते हैं कि दो दिनों के मुकाबले सेल में काफी फर्क है। काम तेजी से नीचे आ रहा है। केवल होटल व ढाबों या फिर ठेलों पर जो चिकन बेचते हैं दो दिनों में उनकी सप्लाई तो यथावत बनी हुई है, लेकिन फुटकर लेने वालों की संख्या में जरूर कमी आयी है। उन्होंने बताया कि जिन दुकानों पर भी माल की सप्लाई करते हैं, वहां से भी आर्डर कम ही है।
डरे हुए हैं कारोबारी
वहीं, दूसरी ओर हरियाणा के पोल्ट्री फार्मों में लाखों की संख्या में मुर्गों के मरने के बाद यहां रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। चिकन कारोबारियों को माल मंगाने में पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गयी है। पशु चिकित्सा विभाग की ओर से कहा गया है कि बीमार माल न खरीदें तथा यदि कोई परिंदा मरता है तो तत्काल उसकी खबर दी जाए।
अलर्ट जारी
पशु चिकित्सा अधिकारी अनिल कंसल ने बताय कि मेरठ में पक्षियों के मरने की सूचना नहीं, लेकिन हरियाणा व देश के दूसरे राज्यों से जिस प्रकार की सूचना मिल रही हैं उसके चलते अलर्ट जारी कर दिया गया है। वन विभाग के अधिकारियों से लगातार संपर्क रखा जा रहा है। फिल्ड स्टाफ भी अलर्ट है।
हस्तिनापुर सेंचुरी में पर्यटकों के पंजीकरण बंद
बर्ड फ्लू को लेकर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर है। वन विभाग ने सेंचुरी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। वहीं, टीमें गठित कर लगातार निगरानी की जा रही है। इसके अलावा सेंचुरी में आने वाले पर्यटकों के पंजीकरण भी बंद कर दिए गए हैं।
हस्तिनापुर वन्य जीव विहार व गंगा नदी की दलदली झीलों में सर्द मौसम में विदेशी पक्षियों का प्रवास रहता है। नवंबर से मार्च के अंतिम सप्ताह तक ये पक्षी यहां प्रवास करते हैं। इस समय गंगा की तलहटी व टापुओं पर पक्षियों का डेरा है। हालांकि अभी तक प्रदेश में बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी एहतियातन हस्तिनापुर सेंचुरी में प्रवासी पक्षियों की निगरानी तेज कर दी गई है।
गुरुवार को वन विभाग व पशुपालन विभाग की टीमों ने गंगा किनारे दलदली झीलों में पक्षियों की निगरानी की। पशु चिकित्साधिकारी डा. राकेश कुमार ने बताया कि जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध केस सामने नहीं आया। हस्तिनापुर वन्य जीव विहार में भ्रमण करने के लिए पर्यटकों को वन विभाग में पंजीकरण कराना होता है।
वन विभाग के डिप्टी रेंजर विनोद कुमार ने बताया कि पर्यटकों के पंजीकरण पर तत्काल रोक लगा दी गई है। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि जिन स्थानों पर प्रवासी पक्षियों का डेरा है वहां न जाएं। उन्होंने बताया कि पक्षियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगातार गश्त की जा रही है। ग्रामीणों को भी इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है।
पोल्ट्री फार्म का किया निरीक्षण
पशुपालन विभाग की टीम ने डा. राकेश कुमार के नेतृत्व में ग्राम दूधली खादर स्थित मुर्गी फार्म का निरीक्षण किया। इस फार्म में लगभग 60 हजार मुर्गी हैं। इनके 35-40 हजार अंडे प्रतिदिन दूरदराज क्षेत्र में सप्लाई किए जाते हैं। उन्होंने फार्म के मालिक को निर्देश दिए कि फार्म में लगातार चूने का स्प्रे किया जाए तथा बाहर से आने वाले व्यक्तियों पर खास नजर रखकर सैनिटाइज किया जाए। यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो तुरंत सूचना दें।

