- भाकियू अम्बबावता ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा
जनवाणी संवाददाता |
नजीबाबाद: भारतीय किसान यूनियन अम्बावता के कार्यकर्त्ताओं ने तहसील में पंचायत कर केन्द्र सरकार से तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग की और निर्णय लिया कि 26 जनवरी को परेड में भाग लेने के लिए संगठन के कार्यकर्त्ता बड़ी संख्या में आंदोलन में पहुंचेंगे। इसके अलवा कई मुद्दों पर किसान नेताओं ने चर्चा करने के बाद एक ज्ञापन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को सौंपा।
बुधवार को तहसील नजीबाबाद परिसर में भाकियू अम्बावता पंचायत में चौधरी वीर सिंह सहरावत ने कहा कि कृषि बिल जब तक निरस्त नहीं हो जाते तब तक किसान आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों का उत्पीड़न कर रही है।

इसके बाद किसानों ने तहसील में अवकाश होने के कारण एसडीएम व तहसीलदार के उपलब्ध नहीं होने के कारण कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह को एक ज्ञापन दिया, जिसमें मुख्य मांगों में तीनों कृषि कानून निरस्त करने, किसानों का सम्पूर्ण कर्ज माफ करने, बिजली की बढ़ी हुई दरों को वापस करने,60 वर्ष से ऊपर के किसानों/ मजदूरों को पांच हजार रूपए मासिक पेंशन देने, नांगलसोती से चन्दक तक नहर पटरी तक पक्की सड़कें बनवाने,जंगली जानवरों से किसानों की सुरक्षा करने व गन्ना मूल्य का भुगतान समय पर किए जाने की मांग की गई।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी मांगे पूरी नहीं की गई तो किसान आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में शिवकुमार सहरावत,मौहम्मद इस्लाम,फुरकान,खुर्शीद,सुखवीर सिंह,भोले सिंह,देवी सिंह,प्रीतम सिंह,मौहम्मद अमजद,आमिर खान,सूरज सिंह सहित तमाम कार्यकर्त्ता मौजूद रहे।

