- पशु पालन विभाग का दावा जांच में नहीं मिला वर्ड फ्लू
- 1250 मुर्गियों के सैंपल की जांच आई निगेटिव
जनवाणी संवाददाता |
नगीना: नगर के मोहल्लों में कौवे तड़फते मिलने से नगर वासियों में वर्ड फ्लू की आशंका को लेकर भय व्याप्त है। वहीं पशु चिकित्सकों ने बताया कि पूर्व में जिन पक्षियों की मौत हुई पोस्टमार्टम में दिल का दौरा पड़ने से मौत का कारण पता चला। 1250 मुर्गियों के सैंपल भेजे गए थे जो सभी निगेटिव आए हैं।
बुधवार की सुबह मोहल्ला विश्नोई सराय निवासी पक्षी प्रेमी सागर विश्नोई ने दो कौवे को मोहल्ला विश्नोई सराय में एक पीपल के पेड़ के पास तड़पता देख और मीडिया कर्मियों को सूचना दी। मीडिया कर्मियों की सूचना पर तत्काल पशु चिकित्सा अधिकारी जगदीश प्रसाद की सूचना पर वन विभाग की टीम के ऋषिपाल मौके पर पहुंचे। ऋषिपाल ने बताया कि इनमें से एक कौवा अभी जीवित हैं।
जिसका उपचार कराया जाएगा व मृत कौवे के सैंपल जांच के लिए भिजवाए जाएंगे। पिछली एक सप्ताह में नगर के मोहल्ला अंबेडकर नगर में एक, सरायमीर में एक, रामलीला ग्राउंड में तीन, कस्बा में एक, विश्नोई सराय में अलग-अलग स्थानों पर तीन कौवे मृत मिलने से नगरवासी वार्ड फ्लू की आशंका को लेकर भयभीत हैं। नगरवासी स्वास्थ्य व वन विभाग को सूचित कर कौवे को बचाने के प्रयास में लगे हैं।
सागर विश्नोई ने बताया कि उन्होंने तीन दिन पूर्व भी हिमांशु व छोटू की मदद से तीन तड़पते कौवे को पशु चिकित्सालय भिजवाया था जहां उपचार के दौरान तीनों की मौत हो गई।

क्षेत्रीय वन अधिकारी नगीना रूचित चौधरी ने बताया कि ग्रामीण व नगर क्षेत्रों से बराबर उनके पास कौवे मरने व तड़पते देखने की सूचनाएं आती हैं। जिन पर वह मौके पर पहुंचकर सभी को उपचार के लिए पशु चिकित्सालय में भर्ती करते हैं।
अब तक वह लगभग 18 कौवे को चिकित्सालयों में भर्ती करा चुके हैं जिनमें से सिर्फ तीन को ही बचाया जा सका है। उधर पशुचिकित्सा अधिकारी नगीना जगदीश प्रसाद ने बताया कि पांच मृत कौवे का पोस्टमार्टम कराया गया था, जिनमें से एक कौवा विद्युत करंट व चार कौवे दिल का दौरा पड़ने से मृत पाए गए थे।
तीन कौवों का उपचार कर बचाया जा चुका है। जनपद स्तर से लगभग 1250 मुर्गियों के सैंपल भेजे गए थे जो सभी निगेटिव आए हैं। क्षेत्र में मर रहे कौवे की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।

