जनवाणी सवांददाता |
गागलहेड़ी: आठ साल की उम्र में छापुर के मोहम्मद अक़दस ने कुरान-ए-पाक का पाठ मुकम्मल कर लिया। कुरान के सभी तीस पारों (अध्याय) को उच्चारण सहित पूरा कराने में उनके उस्ताद हाफिज मोहम्मद कादिर व इमाम फरमान का सहयोग रहा।
कुरान का पाठ पूरा करने पर ढाला के मदरसे में दुआ का कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें अक़दस को बुजुर्गों और परिजनों ने दुआओं से नवाजा। वहीं, बच्चे ने कुरान की सूरह फातिहा पढ़कर सुनाया। उनके पिता डॉक्टर मनसूब अली ने बताया कि यह उनके और उनकी बीवी और खानदान व रिश्तेदारों के लिए खुशी का मौका है।
कुरान को किरत के साथ मुकम्मल कराने मे हाफिज कादिर हाफिज फरमान का भी सहयोग रहा है। इमाम मोहम्मद कादिर ने बताया कि कुरान की तालीम हर मुसलमान के लिए जरूरी है, क्योंकि कुरान एक किताब नहीं बल्कि दुनिया में जीने का तरीका है। अल्लाहताला ने अपनी उम्मत को कुरान को उठाने की वह ताकत दी है, जो बड़े बड़े पहाड़ों को भी नहीं मिली। जब कुरान नाजिल हुआ था तो पहाड़ भी लरज गए थे।

