- जिला खनन अधिकारी ने एसडीएम के साथ की छापेमारी
- चौतरा से पोकलेन समेत चार वाहन सीज, नंगराई से भी जेसीबी सीज
जनवाणी ब्यूरो |
कैराना/झिंझाना: वैध पट्टों से अलग किसानों की जमीनों से खनन की शिकायतों के बाद उपजिलाधिकारी ने कैराना के गांव नंगलाई राई खनन प्वाइंट पर छापेमारी की। यहां टीम ने एक जेसीबी मशीन को सीज कर दिया। उधर झिंझाना के गांव चौतरा में तो एनजीटी के नियमों का उल्लंघन करते हुए रात में खनन किया जा रहा था। यहां उपजिलाधिकारी की छापेमारी के बाद खनन करने वाले लोग फरार हो गए। पुलिस ने यहां से एक पॉकलेन, एक ट्रक और एक ट्रैक्टर-ट्राली को कब्जे में लिया है।
शामली जनपद प्रशासन की तरफ से कैराना क्षेत्र के गांव नंगलाराई में देवांश इंफ्रा कंपनी के नाम से पांच साल के लिए खनन पट्टा आवंटित किया गया है। गांव नंगलाराई निवासी किसान भूरा, नसरुद्दीन व दिव्यांग किसान खलील ने 19 जनवरी को संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी जसजीत कौर को शिकायती पत्र सौंपे थे।
जिसमें खनन ठेकेदार पर किसानों के खेतों से दिन-रात में अवैध रेत खनन करने की शिकायत की थी। डीएम के आदेश पर बुधवार को नायब तहसीलदार प्रशांत कुमार अवस्थी के नेतृत्व में लेखपाल-कानूनगो की टीम ने गांव नंगलाराई खनन पाइंट पर पहुंचकर पैमाइश की थी।
टीम ने रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजने की बात कही थी। गुरुवार को जिला खनन अधिकारी रंजना सिंह ने एसडीएम उद्भव त्रिपाठी व राजस्व टीम को लेकर नंगलाराई खनन प्वाइंट पर उस स्थान पर छापेमारी की जहां पर किसानों ने अवैध खनन के आरोप लगाए थे। इस दौरान अधिकारियों ने खनन पॉइंट पर संदिग्ध एक जेसीबी मशीन को सीज कर दिया।
उधर, झिंझाना थाना क्षेत्र के यमुना खादर में रेत खनन को लेकर चौतरा गांव में आवंटित रेत खनन के पट्टे की आड़ में अवैध रेत खनन किया जा रहा था। जहां एनजीटी के नियमों को ताक पर रखकर रात के अंधेरे में पोकलेन मशीनों से यमुना का सीना चीरकर रेत खनन किया जा रहा था।
शिकायत के बाद बुधवार-गुरुवार की रात में जिला खनन अधिकारी रंजना सिंह, एसडीएम कैराना उद्भव त्रिपाठी व थाना प्रभारी श्यामवीर ने पुलिस टीम के साथ चौतरा खनन प्वाइंट पर छापेमारी की। यहां रात में अवैध खनन किया जा रहा था। अधिकारियों को देखकर वहां खनन कर रहे लोग फरार हो गए। एसडीएम ने मौके पर रेत खनन कर रही एक पोकलेन मशीन सहित रेत से भरा ट्रक व दो ट्रैक्टर ट्राली को सीज कर दिया।

चौतरा खनन प्वाइंट पर बुधवार की रात में सयुंक्त रुप से छापेमारी की गई जिसमें एनजीटी के नियमों के विपरीत रात के अंधेरे में रेत खनन होता मिला। जिसके चलते एक पोकलेन मशीन व एक ट्रक सहित ट्रैक्टर ट्राली पकडकर पुलिस की सपुर्दगी में दिए है।
जांच में यह भी पाया गया कि पट्टा धारक को जहां रेत उठाने के लिए पट्टा आवंटित है वह उससे अलग मशीनों से अवैध रेत खनन कर रहा था। अवैध रेत खनन की पेमाइश कराकर पट्टा धारक के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं खनन अधिकारी रंजना सिंह ने कैराना के नंगलाराई में छापेमारी पर बताया कि फिलहाल किसानों की शिकायत पर जमीनों की पैमाइश कराई जा रही हैं। पैमाइश के बाद ही पता चल पाएगा कि खनन पट्टा धारक अपने क्षेत्र में खनन कर रहा हैं या किसानों के खेतों पर। जांच रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी। -डा. रंजना सिंह, खनन अधिकारी
झिंझाना: बलहेडा के पट्टे पर लगी थी रोक
क्षेत्र के गांव बलहेडा में भी पिछली दिनों पट्टा कहीं ओर तथा खनन किसी अन्य स्थान से होना पाया गया था। जिसमें सत्ताधारी नेता द्वारा खनन के नाम पर सरकार से अनुमति ली गई लेकिन खनन कही ओर दूसरे किसान के खेत में हो रहा था। किसान की शिकायत पर छापेमारी की गई थी।
तीन बार की कार्रवाई के बाद पट्टे पर समय से पहले मानक से अधिक खनन करने पर रोक लगा दी गई थी। अब चौतरा में भी बुद्धवार की रात्रि छापेमारी के दौरान खनन माफियाओं का वहीं खेल सामने आया है। भाजपा जिलाध्यक्ष सतेंद्र तोमर ने बताया रेत खनन में किसी भाजपा पदाधिकारी की संलिप्तता की कोई जानकारी नहीं है। अगर कोई अवैध रेत खनन में शामिल है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
कैराना: किसानों ने रात्रि में अवैध खनन के लगाए थे आरोप
2 दिन पूर्व गांव नगला राई के किसानों की शिकायत के बाद डीएम जसजीत कौर के निर्देश पर जांच करने पहुंची नायब तहसीलदार की टीम के सामने पीड़ित किसानों ने खनन पट्टा धारक पर रात्रि में मानकों के विपरीत अवैध रेत खनन के आरोप लगाए थे। जबकि एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक रात्रि में खनन नहीं किया जा सकता। किसानों की शिकायत के बाद भी प्रशासन रात्रि में चल रहे अवैध रेत खनन पर कोई कार्यवाही नहीं कर पा रहा है।
अवैध खनन पर सीबीआई ने डाला था डेरा
2 साल पूर्व अवैध रेत खनन करने की शिकायत के बाद जनपद में सीबीआई की टीम भी डेरा डाल चुकी है। उस दौरान सीबीआई की टीम ने कई खनन प्वाइंटों पर पहुंचकर जांच पड़ताल की थी। उस समय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था।

