जनवाणी संवाददाता |
कैराना: शामली के सिंभालका में 14 साल पहले घर में दो बेटियो के साथ मारपीट व गाली गलौच करते कानो के कुंडल लूटने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्टेÑट राजमंगल सिंह यादव ने दोष सिद्ध पाए जाने पर दो मुजरिमों को 4-4 साल की सजा व 5-5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले में दो अन्य की पहले ही मौत हो चुकी है।
सरकारी अधिवक्ता अन्नु तोमर ने बताया कि 25 फरवरी 1997 को सिंभालका निवासी शकुन्तला देवी ने शामली कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सिंभालका निवासी हरपाल, विरेंद्र, सोमपाल व सुबोध ने उसकी दो बेटियों के साथ गाली गलौच व मारपीट करते हुए कानों के कुंडल लूट लिए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके चारों आरोपियों को गिरफ्तार करके लूटे गए कुंडल बरामद कर लिए थे तथा आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया था। बाद में चारों आरोपी जमानत पर बाहर आ गए थे।
उक्त मुकदमें की सुनवाई कैराना स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चल रही थी। सुनवाई के दौरान ही आरोपी हरपाल व विरेन्द्र की मौत हो गई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में 5 गवाह पेश किए गए।
गुरुवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद दोष सिद्ध पाए जाने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजमंगल सिंह यादव ने मुजरिम सोमपाल व सुबोध निवासी सिंभालका थाना शामली को लूट के मामले में 4-4 साल व लूए गए कुंडल बरामद होने के मामले में 3-3 साल व 5-5 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी तथा जेल में बिताई अवधि को भी सजा के समायोजित किया जाएगा।
मुकीम गिरोह के दो बदमाशों की जिला कोर्ट में पेशी
गुरुवार को रंगदारी, डकेती व हत्याओं के लिए कुख्यात मुकीम काला गिरोह के शार्प शूटर सादर निवासी तीतरो को हरियाणा के कुरूक्षेत्र के जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच कैराना स्थित जिला कोर्ट में पेशी पर लाया गया। इसके अलावा मुकीम गिरोह के ही बदमाश डाक्टर इसरार को भी हरियाणा की जगाधरी जेल से कोर्ट में पेशी पर लाया गया। बंदी रक्षको की गाडी के साथ-साथ हरियाणा पुलिस की गाडी भी सुरक्षा के मददेनजर कोर्ट परिसर में आई।
इसके अलावा कोर्ट परिसर में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गई तथा शामली से क्राइम ब्रांच की टीम ने भी कचहेरी परिसर में डेरा डाल लिया था। कोर्ट में पेशी के बाद दोनो बदमाशो को वापस हरियाणा की जेलो में भेज दिया गया।

