जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए शासन द्वारा आरिक्षत सूची के बाद अब आपत्ति का सिलसिला शुरू हो गया है। जिसमें कि शुक्रवार को ग्राम टांडा ब्लॉक व तहसील स रधना के निवासियों ने चुनाव अधिकारी को आरिक्षत सूची पर आपत्ति जताते हुए ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से गांव वासियों ने चुनाव अधिकारी को अवगत कराते हुए कहा कि पिछड़ी जाति तथा अनुसूचित जनजाति की मिश्रित आबादी हैं। सन 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 35 प्रतिशत सामान्य, 25 प्रतिशत ओबीसी एवं 35 प्रतिशत एससी तथा अन्य पांच प्रतिशत संख्या निवास कर ती हैं।
ऐसे में 2021 चुनाव के लिए जारी की गई आरक्षित सूची में न्याय उचित नहीं हैं। क्योंकि पंचायत राज अधिनियम 1947 के अंतर्गत यह प्रावाधान है, कि प्रधान चुनाव चक्रानक्रम में होगा। जबकि गांव टांडा में इसका पालन नहीं किया गया हैं। वहीं 1995 से आज तक भी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नहीं किया गया है। यह गांव टांडा के एससी वर्ग के साथ न्यायोचित नहीं है।
इसलिए आरक्षण सूची पर पुन: विचार करते हुए चक्रानुक्रम में एससी के लिए प्रधान पद आरक्षित किया जाएं। उधर, आरक्षण सूची आने के बाद आपत्तियों के आने का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। शुक्रवार को क्षेत्र पंचायत के वार्डों, ग्राम पंचायत आदि से संबंधित आपत्तियां आईं।
विभाग की ओर से आठ मार्च तक आपत्तियां ली जाएंगी। सभी आपत्तियों का निर्धारण डीएम की अध्यक्षता में किये जाने के बाद 15 मार्च को सूची का प्रकाशन किया जाएगा। बुधवार को पहले दिन तीन, गुरुवार को 22 और शुक्रवार को भी 17 से अधिक आपत्ति आर्इं।

