- कोरोना गाइड लाइन का पालन न होने से संक्रमण का खतरा
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के अंतर्गत नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कैम्प लगाया गया। जिसमें बड़ी संख्या में पहुंचकर महिलाओं ने कैम्प का लाभ उठाया। महिलाओं की भीड़ अधिक होने के कारण कोरोना गाइडलाइन का अनुपालन नजर नहीं आया, जबकि जनपद में कोरोना पॉजिटिव केसों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
मंगलवार को नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शामली में प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं के लिए कैम्प लगाया गया। कैम्प के दौरान गर्भवती महिलाओं के वजन कराने के साथ ही बीपी़, शुगर, एचबी, एचआईवी, टेस्ट किया गया। जिनका हीमोग्लोबिन 8़ 0 से कम है उनको आयरन सुक्रोज लगाया और आधा लीटर अमूल फूल क्रीम दूध वितरित किया गया।

इस दौरान चिकित्सकों द्वारा चिकित्सीय परीक्षण के पश्चात गर्भवती महिलाओं को आयरन व अन्य दवाईयों का भी विततिर की गई। मंगलवार को नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में लगे प्रधामनंत्री मातृत्स सुरक्षा कैम्प में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं पहुंच गयी। जिसके कारण कई बार अनियमिताएं भी दिखायी दी। साथ ही, अत्याधिक भीड़ होने और गाइड लाइन का पालन न किए जाने के कारण कोरोना संक्रमण का खतरा भी नजर आया।
277 महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई
मंगलवार को कैराना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर 160 व गांव भूरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 93 व ऊंचा गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 24 गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन की जांच, खून की जांच, शुगर के स्तर की जांच, ब्लड प्रेशर, वजन और अन्य सामान्य जांच की गई।
सभी जगहों पर कैंप में गर्भवती महिलाओं की भीड़ जुटी रहीं। ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक अतुल गर्ग ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान उनके स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि नियमित जांच से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की संभावना कम होती हैं। अगर किसी गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता होती है तो उसका अल्ट्रासाउंड भी नि:शुल्क कराया जाता हैं। जिन महिलाओं में आयरन की कमी हैं।
पहली बार में गर्भवती हुई महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत 5 हजार रुपये दिए जाते हैं। उन महिलाओं के फॉर्म भरकर जमा किए गए। कैंप के दौरान 12 उच्च जोखिम की महिलाओं को चिन्हित किया गया है।

