- डीएम आवास पर शव रखने का प्रयास, पुलिस ने रोका
- पुलिस पर आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई न करने का आरोप
- सीओ व एसडीएम ने परिजनों को समझा बुझाकर किया शांत
जनवाणी संवाददाता |
बागपत: कोतवाली क्षेत्र के गांव मीतली में जानेलेवा हमले में घायल हुए युवक की उपचार के दौरान गुरूवार को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में मृत्यू हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया।
परिजनों ने पुलिस पर युवक का मैडिकल और आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई न करने का आरोप लगाया और डीएम आवास पर शव रखने का प्रयास करते हुए जमकर हंगामा किया।
इस दौरान मौके पर मौजूद सीओ व एसडीएम ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया। सीओं ने पीड़ितों को आश्वासन दिया कि मुकदमे को उचित धाराओं में तरमीम कर आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कोतवाली क्षेत्र के गांव मीतली निवासी खेमचंद ने गत 22 मार्च को कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके पड़ौसी श्रीपाल के परिवार ने गत 21 मार्च को घर में घुसकर गाली गलौच करते हुए उसके परिवार पर लाठी- डंड़ों से हमला करने व फायरिंग करने का आरोप लगाया था।
जिससे उसका पुत्र आकाश गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे उपचार के लिए दिल्ली जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां पर उपचार के दौरान गुरूवार को उसकी मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस आरोपियों से मिली हुई और आरोपियों के विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पीड़ितों ने कोतवाली प्रभारी व आईओ कई गंभीर आरोप लगाए गए।
पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उन पर ही फैसले के लिए दबाव बनाती रही। युवक की मृत्यु के बाद गुरूवार को परिजन शव को लेकर डीएम आवास पर पहुंचे और वहां पर पुलिस के विरूद्ध जमकर नारेबाजी की।
सूचना मिलने पर सीआ व एसडीएम बागपत मय फोर्स के मौके पर पहुंचे और हंगमा कर रहें लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान परिजनों शव को एम्बुलेंस से उतार कर डीएम आवास पर रखने का प्रयास किया लेकिन सीओ व एसडीएम ने समझा बुझाकर उन्हें शांत किया।
सीओ पीड़ितों को आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और मुकदमा उचित धाराओं में तरमीम कर आरोपियों के विरूद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी।
डीएम व एसपी जांच के लिए गांव पहुंचे
घटना के संबंध में डीएम व एसपी ने कोतवाली प्रभारी व आईओ से जानकारी ली । इसके बाद दोनों अधिकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में जांच करने के लिए पहुंचे। बताया गया है कि अधिकारियों ने इस मामले में ग्रामीणों से भी पूछताछ की।
मृतक का भाई हो गया बेहोश
डीएम आवास पर प्रदर्शन के दौरान मृतक भाई बेहोश गया। इससे वहां पर अफरा तफरा मच गई। त्वरित करते हुए पुलिस उसे उठाकर तुरंत अस्पताल ले गई। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। 11 लोग नामजद कराये थे।
कोतवाली प्रभारी के अनुसार मृतक के पिता की तहारीर पर इस मामले में 11 लोगों के विरूद्ध मुकदमा पंजीेकृत किया गया था। इनमें से एक आरोपी को पुलिस ने उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था जबकि पुलिस के दबाव के चलते पांच आरोपियों ने गत 5 अप्रैल को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास चल रहा है।

