- मूल रूप से शामली के कस्बा एलम निवासी थे राजेंद्र राजन
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: देश के प्रसिद्ध कवि गीतों के राजकुमार डा. राजेन्द्र राजन मूल रूप से शामली जनपद के कस्बा एलम के निवासी थे। गुरुवार की शाम सहारनपुर के मेडिकल कॉलेज में उनका देहांत हो गया। डा. राजेंद्र राजन के आकस्मिक निधन पर कस्बा एलम के साथ ही पूरे जनपद के साहित्यकारों में शोक की लहर है। कोरोना काल के चलते साहित्यकारों ने फेसबुक, ट्वीटर, व्हाट्सएप पर उनके निधन पर शोक प्रकट किया है।
शामली के प्रसिद्ध शायर एवं कवि प्रदीप मायूस ने कहा कि डा. राजेंद्र राजन के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया। उन्होंने कहा कि उनका चले जाना साहित्य जगत के लिए किसी कोहिनूर हीरे को खो देने से कम नहीं है। राजेंद्र राजन का जन्मस्थान एलम है। इसलिए भी उनकों शामली से विशेष लगाव था। प्रदीप मायूस द्वारा संपादित पुस्तक का भी उन्होंने शामली में विमोचन किया था।
राजेंद्र राजन की प्रमख रचनाएं -केवल दो गीत लिखे मैंने, इक गीत तुम्हारे मिलने का, इक गीत तुम्हारे खोने का।। और आने वाले हैं मदारी मेरे गांव में, हैं जनता दुखों की मारी मेरे गांव में।। प्रमुख है। प्रदीप मायूस ने कहा कि राजेंद्र राजन जी साहित्य जगत में सदैव अमर रहेंगे और उनकी रचनाएं सदैव हमारे बीच जीवित रहेगी।
इसके अलावा शहर के साहित्कार योगेंद्र सुंदरीयाल, गीतकार पवन कुमार पवन, डा. विपिन कौशिक, विनोद शंकर अश्क, प्रीतम सिंह प्रीतम, अनिल पोपट, डा. अनुराग शर्मा, सुनील टम्मी आदि कवियों ने डा. राजेंद्र राजन के निधन पर शोक संवेदनाएं प्रकट की।

