जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: कुछ दिनों से गर्मी का प्रकोप भी बढ़ रहा था। झुलसाने वाली गर्मी से लोगों का बुरा हाल था। शुक्रवार दोपहर को मौसम ने करवट बदली और शाम होते-होते धूल भरी आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई। जिससे गर्मी से कुछ राहत मिली। पारा 40 के पास पहुंच गया। दिन-रात के तापमान में लगातार उछाल आने से गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही। तेज धूप और दिन में गर्म हवाओं ने भी शरीर को झुलसाने लगी है।
मौसम वैज्ञानिकों के पूवार्नुमान के मुताबिक शुक्रवार को सुबह से ही मौसम बदला बदला नजर आया। दोपहर बाद आसमान में घटा छाई और शाम होते-होते मौसम का मिजाज बदल गया। तेज धूल भरी आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि शनिवार व रविवार को भी मौसम ऐसा ही बना रहेगा। तेज हवाओं के साथ बारिश होगी। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 19.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 45 व न्यूनतम 16 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा चार से आठ किमी प्रतिघंटा दर्ज की गई।
आंधी में उड़ा टीन शेड बड़ा हादसा होने से बचा
मेट्रो प्लाजा के पास आंधी से एक टीन शेड उड़कर मेट्रो प्लाजा की पार्किंग में खड़ी एक कार पर जाकर गिरा। जिससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। हालांकि टीन शेड एक व्यक्ति के पास से होकर निकला जो हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गया।
शुक्रवार शाम को आई धूल भरी आंधी के कारण फुटबाल चौक के पास एक मकान पर पड़ी टीन शेड हवा में उड़कर मेट्रो प्लाजा की पार्किंग में जा गिरी। टीन शेड के मलबे से पार्किंग में खड़ी एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और वहीं पास में खड़ी अन्य कई बाइकों में भी नुकसान हुआ। लेकिन गनीमत यह रही कि पार्किंग में खड़ा एक युवक टीन शेड की चपेट में आने बच गया। वहीं टीन शेड का मलबा पूरी पार्किंग में फेल गया।
तेज आंधी और बारिश ने किया गेहूं की फसल को नुकसान
इस समय गेहूं की कटाई चल रही है। जिससे किसानों का खलियान में और खेत में कटा हुआ अनाज पड़ा हुआ है। इस समय जो बारिश और तेज हवा जो चल रही है। उससे किसानों को काफी नुकसान होगा। किसानों के खेतों में कटे हुए गेहंू रखे हुए थे।
तेज आंधी के कारण वह काफी दूर तक उड़ गए। साथ ही यदि बारिश तेज होती है और गेहूं भीग जाता है तो उसमें नमी होने के कारण फंगस लगने के आसार है और उस गेहूं की कीमत भी किसानों को कम मिलेगी। अब जो किसान गेहूं की कटाई करने वाले हो वह पहले मौसम का मिजाज देख ले। जब दो-तीन दिन मौसम कड़क रहे और धूप अच्छी रहे। उसके बाद ही किसान गेहूं की कटाई करें।
जब तक खेत में ही गेहूं को खड़ा रहने दे। अन्य फसलों को अधिक नुकसान नहीं है, लेकिन जिन किसानों ने बेल वाली सब्जियों की लटका कर खेती कर रहे थे। बेल पलटने के कारण उनको भी थोड़ा-सा नुकसान हुआ है।

