Thursday, October 15, 2026
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तीन दिन में 100 से ज्यादा अंतिम संस्कार

  • सूरजकुंड श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार को नहीं मिल रही जगह, रोज बढ़ रहे आंकड़े

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कोविड-19 संक्रमण का कहर हर दिन बढ़ता जा रहा है और रोजाना बढ़ते आंकड़े भी स्थिति को बदतर बनाते जा रहे हैं। वहीं, सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट में शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए भी लोगों को जगह नहीं मिल रही है। वहीं, शवों की बढ़ती संख्या के कारण हालात इतने भयावह होते जा रहे हैं कि एक तरफ लोग फूल चुगते हैं, तो वहीं दूसरी ओर शवों का आने का सिलसिला जारी रहता है। रोजाना इतनी संख्या में शवों के आने के कारण जमीन पर ही अंतिम संस्कार कराने पड़ रहे हैं।

सूरजकुंड स्थित श्मशान की स्थित इन दिनों भयावह होती जा रही है। श्मशान पर आने वाले शवों को अंतिम संस्कार कराने के लिए वेटिंग के लिए रुकना पड़ रहा है। संक्रमण के चलते रोजाना आने वाले शवों की संख्या दो से तीन गुनी तक बढ़ चुकी है। आम दिनों में शमशान पर रोजाना करीब दस से 15 शवों का अंतिम संस्कार किया जाता था, लेकिन इन दिनों में यह आंकड़े हैरान कर देने वाले नजर आ रहे हैं।

यह संख्या इन दिनों रोजाना करीब 50 के पास पहुंच रही है। हालांकि संक्रमण की गाइडलाइन के चलते दाह संस्कार में भी पूरी सावधानियां बरती जा रही हैं, लेकिन बावजूद इसके लोगों को अंतिम संस्कार कराने के लिए प्लेटफार्म तक नहीं मिल रहे हैं। जिसके चलते कई अंतिम संस्कार जमीन पर भी कराने पड़े हैं। वहीं, अंतिम क्रिया कराने के लिए आचार्यों की संख्या भी गिनी चुनी है। पिछले तीन दिनों सूरजकुंड श्मशान घाट पर करीब सवा सौ शवों का अंतिम संस्कार कराया जा चुका है।

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40 शवों का शुक्रवार को हुआ अंतिम संस्कार

सूरजकुंड श्मशान घाट पर शुक्रवार को कुल 40 शवों का अंतिम संस्कार कराया गया। जिसमें कोविड संक्रमण से मृत्यु होने वाले शवों की संख्या करीब 25 के आसपास रही। वहीं, पिछले तीन दिन के आंकड़े देखें तो यह लगातार ही बढ़ते जा रहे हैं। यहां पर बुधवार को 50 और गुरुवार को 38 शवों का अंतिम संस्कार किया गया था। यानि तीन दिनों में कुल 128 शवों का अंतिम संस्कार कराया जा चुका है। रोजाना ज्यादा शव आने के कारण लोगों को खड़ा होना पड़ रहा है। हालांकि शवों के साथ ज्यादा लोगों को शमशान में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई है। सिर्फ कुछ लोग ही श्मशान में प्रवेश कर सकते हैं।

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कमी के चलते बनाने पड़ रहे नए प्लेटफार्म

शमशान में शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए प्लेटफार्म की संख्या भी कम पड़ने लगी है। जिस वजह से पिछले दिनों की कई शवों को जमीन पर ही अंतिम संस्कार कराना पड़ा। इस वजह से यहां पर नए प्लेटफार्म का भी निर्माण कराया जा रहा है। अभी तक मौजूद प्लेटफार्म पर लगातार श्वों का अतिम संस्कार कराया जा रहा है, लेकिन ज्यादा संख्या होने के कारण इसकी कमी भी खल रही थी। जिसके चलते गंगा मोटर कमेटी द्वारा न प्लेटफार्म बनाए जा रहे हैं।

दूसरे जनपदों के शवों के कारण हो रही परेशानी

दूसरे जनपदों के संक्रमण मरीजों के शव भी सूरजकुंड श्मशान घाट पर लाए जा रहे हैं। जिस कारण यहां पर इतनी संख्या रोजाना सामने आ रही है। दरअसल, शहर के अस्पतालों में दूसरे जनपदों की मरीजों को भी भर्ती किया जा रहा है। ऐसे में उनकी मृत्यु होने पर शवों का अंतिम संस्कार सूरजकुंड श्मशान घाट पर लाकर ही किया जा रहा है। ऐसे में यहां पर शवों की संख्या रोजाना बढ़ रही है और परिजनों को भी इंतजार करना पड़ता है।

गंगा मोटर कमेटी के दिनेश जैन ने कहा कि दूसरे शहरों के संक्रमित मरीजों का अंतिम संस्कार यहां पर किए जाने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में शवों को उनके शहरों में ले जाकर अंतिम संस्कार करने के निर्देश प्रशासन को जारी करने चाहिए। जिससे यहां पर स्थिति काबू में की जा सके।

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