- खड़ौली रोड पर बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पड़ा है कई साल से बदहाल नहीं है कोई व्यवस्था
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोरोना वैश्विक महामारी से देशभर में हाहाकार मचा हुआ है। इस महामारी से निजात पाने के लिए फिलहाल देशभर में टीकाकरण अभियान चल रहा है, लेकिन रोड की करीब डेढ़ लाख की आबादी में एक भी सीएचसी व पीएचसी नहीं होने के कारण लोगों को टीकाकरण कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर जाना पड़ रहा है।
जिस कारण ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण कराने के लिए लगातार भीड़ बढ़ रही है। जिससे कोरोना संक्रमण को एक बार फिर से बढ़ावा मिलने की आशंका है। इसके लिए भाजपा नेता दुष्यंत रोहटा ने खड़ौली रोड पर बनाए गए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को शुरू कराने के लिए डीएम से मांग की है।
भाजपा नेता दुष्यंत रोहटा का कहना है कि रोहटा रोड पर नगर निगम के अंतर्गत चार से पांच वार्ड आते है। जिनकी आबादी डेढ़ लाख से भी ज्यादा है और यहां लगभग 30 कॉलोनियां व पांच गांव आते हैं। इसके बावजूद क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र न होने के कारण लोग कोरोना टीकाकरण से वंचित है। जिस कारण यहां के लोगों को टीकाकरण कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर भटकना पड़ रहा है। जिससे कोरोना संक्रमण की संभावना को भी बढ़ावा मिल रहा है।

दुष्यंत रोहटा ने बताया कि कई सालों पहले रोहटा रोड से खड़ौली को जाने वाले मार्ग पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया था। लेकिन वह तभी से बदहाल पड़ा है और किसी भी स्टाफ की नियुक्ति नहीं की गई है। ऐसे में इस कोरोना महामारी के दौर में लोगों की सुविधा के मद्देनजर कोरोना टीकाकरण के लिए इस सामुदायिक केंद्र को शुरू कराया जाना चाहिए।
दुष्यंत रोहटा ने इस संबंध में डीएम के. बालाजी से फोन पर बात की और बदहाल पड़े इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को टीकाकरण के लिए सेंटर बनवाने की मांग की। जिस पर डीएम के. बालाजी ने सीएमओ अखिलेश मोहन से मिलकर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
टेस्ट के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जाना पड़ रहा लोगों को
रोहटा रोड के लोगों को अन्य बीमारियों का इलाज कराने से पहले कोरोना टेस्ट के लिए गांव रोहटा के सीएचसी सेंटर पर जाना पड़ रहा है। जिस कारण इस सीएचसी सेंटर पर ग्रामीण लोगों के अलावा शहर के लोगों की ज्यादा भीड़ रहती है। वहीं अब पंचायत चुनाव होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे है। ऐसे में यदि शहर के लोग ग्रामीणों के संपर्क में आएंगे तो दोबारा से शहर में कोरोना संक्रमण बढ़ने के आसार अधिक हो जाएंगे।

