जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोरोना ने पहले ही व्यापारियों की कमर तोड़कर रखी थी। अब बिजली का बिल और अन्य करों के कारण उद्यमियों को कोई राहत की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। इस माहोल में बेहिसाब बिल उद्यमियों के लिये परेशानी का सबब बना हुआ है। इसके अलावा जीएसटी व अन्य करों के कारण उद्यमी परेशान हैं। लगातार बिल और टैक्स आ रहा है, लेकिन सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। व्यापारियों ने इस समस्या को लेकर आलाधिकारियों को भी ज्ञापन सौंपा है।
कोरोना महामारी के चलते उद्योग धंधे पूरी तरह से ठप हो चुके हैं। एक तो काम बंद हैं अब बिजली विभाग और अन्य विभागों ने उद्यमियों की कमर तोड़ रख दी है। लगातार उद्यमियों को बिजली का बिल और जीएसटी व अन्य कर के लिये पत्र भेजे जा रहे हैं( जिससे उद्यमियों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। उद्यमियों की इन समस्याओं लेकर उद्योग भारती, आईआईए व व्यापारी संगठनों ने भी आगे आना शुरू कर दिया है।
चैम्बर आॅफ कॉमर्स के चेयरमैन रामकुमार गुप्ता ने बताया कि उनकी ओर मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर एमएसएमई ऐक्ट के अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों को किसी भी विभाग के निरीक्षण से छूट की मांग की गई है। जीएसटी रिटर्न दाखिल करने व जमा करने के लिये भी समय सीमा बढ़ाने की मांग की गई है। आईआईए चेयरमैन अनुराग गुप्ता ने भी उद्यमियों और व्यापारियों से कोरोना कर्फ्यू के दौरान बिजली बिल खपत के आधार पर लिये जाने की बात कही है। उन्होंने एक्र्स्ट्रा चार्ज को हटाये जाने की मांग की है।
व्यापारियों को प्राथमिकता दे सरकार
पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने भी उद्यमियों और व्यापारियों की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन एसीएम को सौंपा। उन्होंने अपनी मांग में कहा कि शोरूम, होटल, रेस्टोरेंट पर बिजली बिल में न्यूनतम फिक्स चार्ज छह माह की पूर्ण छूट व कोरोना की अवधी में पूर्ण बिल माफ किये जाने, व्यापारियों के कमर्शियल लोन पर छह माह की किश्त को आगे बढ़ाने व ब्याज माफ किये जाने, कोरोना से किसी व्यापारी की मृत्यु हुई है तो उसके परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा दिये जाने, श्रम या अन्य किसी विभाग में पंजीकृत व्यापारी को 10 लाख व अपंजीकृत को पांच लाख का अनुदान दिया जाये, व्यापारी व उसके परिवार को कोरोना का टीका प्राथमिकता के आधार पर लगवाया जाये। व्यापारी समूह योजना शुरू कर 3000 प्रतिमाह व्यापारी को सहायता दी जाये इसके अलावा कई अन्य मांगे रखी। ज्ञापन देने वालों में संगठन के महामंत्री विपुल सिंघल, मंडल जिला मेरठ इकाई के अध्यक्ष मनोज गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष सुबोध गुप्ता, सोनम वर्मा, नवीन अग्रवाल समेत तमाम व्यापारी मौजूद रहे।

