- मेरठ, सहारनपुर व मुरादाबाद मंडल के अलावा दिल्ली के मरीज भी मेडिकल में
- 100 इंजेक्शनों से तीन मंडलों का किया जा रहा इलाज
- मेडिकल कालेज को मिल चुके 1500 से अधिक इंजेक्शन
ज्ञान प्रकाश |
मेरठ: कोरोना की दूसरी लहर के बीच जिस तरह से ब्लैक फंगस ने हमला बोला है उसने मेडिकल कालेज को जबरदस्त दवाब में ला दिया है। ब्लैक फंगस के इलाज में लगने वाला छह हजार रुपये की कीमत वाला एंफोटेरिसिन बी इंजेक्शन मेरठ समेत 28 जनपदों में नहीं मिल रहा है।
इस वक्त मेडिकल कालेज में दिल्ली समेत 14 जनपदों के लोग इलाज कराने आ रहे है। अकेले मेडिकल कालेज में ही इस समय 91 मरीज भर्ती है जिनमें आधे से अधिक इन दूसरे जनपदों के है। दरअसल मेडिकल कालेज में सरकार की तरफ से निशुल्क इलाज किया जाता है और नर्सिंगहोम में ब्लैकफंगस का इलाज लाखों में हो रहा है। ऐसे में लोगों की पहली प्राथमिकता मेडिकल कालेज बनती जा रही है।
मेडिकल कालेज के प्रोफेसर वी पी सिंह का कहना है कि इस वक्त मेडिकल कालेज में अन्य विभागों में काम नहीं हो रहा है। ऐसे में ब्लैक फंगस के मरीजो को देखते हुए नये वार्ड भी बनाये जा रहे है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कालेज में इस वक्त रामपुर, अमरोहा, मुरादाबाद और मेरठ व सहारनपुर मंडल के जनपदों के लोग ब्लैक फंगस का इलाज कराने आ रहे हैं।
दरअसल मेडिकल कालेज में रोज 100 इंजेक्शन मिल रहे है। 16 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के समय शुरु हुए म्यूकर वार्ड से लेकर अब तक मेडिकल कालेज को 15 सौ से अधिक एंफोटेरिसिन बी के इंजेक्शन मिल चुके हैं। एंफोटेरिसिन बी के साथ अन्य दो दवाएं उपलब्ध होने से कई मरीजों की तबीयत में सुधार हो रहा है। ब्लैक फंगस के लिए दो वार्ड बनाए गए हैं।
कोविड निगेटिव फंगस के मरीजों को अलग वार्ड में रखा गया है। अब तक 15 मरीजों का दूरबीन विधि से आपरेशन कर फंगस हटाया गया है। ज्यादातर मरीज गंभीर अवस्था में पहुंच रहे हैं। भर्ती मरीजों में से दस की हालत गंभीर है। उन्हें आइसीयू में रखा गया है।
अब तक दर्जनभर मरीजों की मौत हो चुकी है। रोजाना करीब दस नए मरीज वार्ड में भर्ती हो रहे हैं। मेडिकल कालेज में बागपत एवं सिंभावली के एक-एक मरीज की, वहीं आनंद अस्पताल में एक अन्य मरीज की मौत हो गई। मेडिकल के कोविड वार्ड प्रभारी डा. धीरज ने बताया कि दो मरीजों की मौत के साथ अब तक नौ की जान चली गई है। ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) के 10 मरीजों का सफल आॅपरेशन किया जा चुका है।
ब्लैक फंगस के 210 मरीज, 18 की मौत
ब्लैक फंगस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार तक मेडिकल कालेज समेत तमाम अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 12 नये मरीज भर्ती हुए। इस तरह जनपद में 210 मरीज भर्ती हैं और अब तक 18 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं ब्लैक फंगस की दवा न मिलने से प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ब्लैक फंगस से मंगलवार को एक मरीज की मौत हो गई। पांच मरीजों के किडनी मे दिक्कत होने के कारण उनको इंजेक्शन नही लगाया गया। जबकि दो लोगों का आपरेशन भी किया गया। जिला सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि ब्लैक फंगस से मेडिकल कालेज में आज 9 नये मरीज भर्ती किये गए। अब तक यहां पर 136 मरीज भर्ती हैं। अभी यहां पर 91 मरीजों का इलाज चल रहा है। आनंद अस्पताल में 29, न्यूटिमा अस्पताल में 11, किडनी अस्पताल में 5, लोकप्रिय अस्पताल में 10, केएमसी अस्पताल में 3, दयानंद नर्सिंगहोम में 1,होप अस्पताल में 1, साई अस्पताल में 1, जसवंत राय अस्पताल 8, जे पी हेल्थ केयर में 3,मेडविन अस्पताल, एप्सनोवा अस्पताल और सुभारती अस्पताल में एक एक मरीज भर्ती है। जहां तक आज की बात है तो मेडिकल में छह और आनंद में एक नये मरीज भर्ती हुए हैं। अब तक मेडिकल कालेज में 9, न्यूटिमा अस्पताल में 2, आनंद अस्पताल में 2 लोकप्रिय अस्पताल और केएमसी में एक मरीज की मौत हो चुकी है। इस वक्त मेरठ में ब्लैक फंगस के 120 मामले एक्टिव चल रहे हैं। कोरोना के मरीजों में ब्लैक फंगस का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। संक्रमित मरीज लगातार मिल रहे हैं।

