- अक्टूबर 2018 में राजनीतिक कारणों से कराए थे अलग
- शामली के भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल के प्रयास लाए रंग
जनवाणी संवाददाता |
शामली: रमाला मिल समिति से 23 गांवों को अलग कर वर्ष 2028 में 20 गांवें को गन्ना विकास परिषद शामली तथा 3 गांवों को गन्ना विकास परिषद बुढ़ाना में जोड़े जाने से इन गांवों को गन्ना किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। शामली विधानसभा से भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल के प्रयास से उक्त 23 गांवों को शासन स्तर सेफिर से रमाला चीनी मिल से सम्बद्ध कर दिया गया है।
किसानों के सामने ये थी समस्या
शामली जनपद के 23 गांव जो पहले रमाला मिल से संबद्ध थे, उनमें से 20 गांव शामली मिल व 3 गांव बुढ़ाना मिल से जोड़ दिए गए थे जिसके कारण किसानों में आक्रोश था। क्योंकि शामली और बुढ़ाना वहां से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर थे जबकि रमाला मिल वहां से महज 5 किलोमीटर के एरिया में आता था। इससे किसानों को समय और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। इस समस्या को संज्ञान में लेकर शामली से भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने प्रदेश के गन्ना आयुक्त लखनऊ को पत्र लिखकर उक्त 23 गांवों को रमाला चीनी मिल जोड़ने की मांग की थी।
रमाला मिल में शामिल किए गए गांव
गन्ना विकास परिषद शामली तथा बुढ़ाना से अलग कर फिर से रमाला चीनी मिल में शामिल किए गए 23 गांवों में नाला, घसौली, कनियान, भभीसा, डांगरौल, एलम कलां, एलम खुर्द, भनेडा, कांधला, गंगेरू, गढीदौलत, गढी रामकौर, खेड़ा कुर्तान, गढी रक्खा, गढी मियां, गढी श्याम, इस्सोपुर, डुंडूखेड़ा, चढ़ाव, भारसी, बिरालसी, दुर्गनपुर तथा हरियाखेड़ा प्रमुख हैं।
विधायक को आयुक्त भेजा पत्र
शामली विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने गन्ना आयुक्त को 23 गांवों के गन्ना किसानों की समस्या से पत्र लिखकर अवगत कराया था। गन्ना आयुक्त ने विधायक तेजेंद्र निर्वाल को भेजे पत्र में पूर्व के आदेश निरस्त कर फिर से 23 गांवों को रमाला चीनी मिल में शामिल किए जाने की जानकारी दी। आयुक्त ने 15 सितंबर को जारी 23 गांवों के फिर से रमाला मिल से जोड़े जाने से संबंधित आदेश की कॉपी भी विधायक को भेजी है।

