- मुसीबत: लंबे समय से नहीं हुए हैं परिषदीय स्कूलों में सफाई कर्मचारियों की तैनाती
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जिले बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित परिषदीय विद्यालयों में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति न होने से विद्यालयों में गदंगी का अंबार लगा हुआ है। वहीं, स्कूल प्रधानाध्यापक गदंगी को लेकर परेशान है, क्योंकि इस समय डेंगू का प्रकोप जारी है, वहीं बारिश होने की वजह से शहर समेत गांव के स्कूलों में पानी भरा हुआ है, जिसमें मच्छर पनप रहे हैं। ऐसे अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में भी कतरा रहे हैं।
जनपद में 412 परिषदीय स्कूल हैं, सफाई कर्मचारी किसी एक में भी नहीं है। यहां पर कभी नियुक्ती नहीं की गई। सफाई कर्मी तैनात करने की मांग तो लगातार की जा रही है, लेकिन सुनवाई किसी स्तर पर नहीं हुई। दिक्कत यह है कि स्कूलों में प्राधानाध्यापक अपने स्तर से सफाई कराते हैं, लेकिन ज्यादातर में सफाई नहीं होती, जिसके चलते घास-झाड़ियां तक स्कूल में खड़ी है।
बता दें कि शासन की ओर से सफाई कर्मचारियों की स्थाई तैनाती नहीं होने के कारण जिले के परिषदीय विद्यालयों में सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इस कारण विद्यालय के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं गदंगी का सामना विद्यालय आने वाले छात्र-छात्राओं को भी रोज करना पड़ रहा है।
वहीं शासन व प्रशासन की ओर से इन स्कूलों में सफाई आदि कार्य करवाने के लिए भी प्रतिबंध लगा रखा है क्योंकि सफाई के लिए कोई बजट भी जारी नहीं किया जा रहा है। ऐसे में शिक्षक स्वयं सफाई कराने के लिए मजबूर है, जिसकी वजह से नियमित रूप से सफाई नहीं हो पाती है और विद्यालयों में गदंगी पसरी दिखाई देती है। बेसिक शिक्षाधिकारी योगेंद्र कुमार का कहना है कि शासन की ओर से विद्यालयों में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की गई है, जिसकी वजह से स्वयं की सफाई करानी पड़ रही है।
शौचालयों का हाल भी बेहाल
परिषदीय स्कूलों में बनाए गए शौचालयों की स्थिति भी खराब है। अधिकांश विद्यालयों में न तो शौचालयों की सफाई हो पा रही है और न ही उनकी देखरेख। वहीं कुछ विद्यालयों के शौचालयों के गेट भी टूटे पड़ हैं, जिसकी वजह से महिला स्टाफ व छात्राएं वहां टॉयलेट आदि के लिए भी नहीं जा पाती है।

