- अस्पताल का गेट बंद कर धरने पर बैठी आशाओं से प्रभारी ने मिलना भी नहीं समझा जरूरी
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: सरधना के सलावा गांव में नसबंदी के बाद हालत बिगड़ने पर महिला की शुक्रवार सुबह अस्पताल में मौत हो गई। आशाओं ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीएचसी में हंगामा किया। कई घंटे बीतने के बाद भी प्रभारी आशाओं से मिलने नहीं पहुंचे तो वह अस्पताल का दरवाजा बंद कर धरने पर बैठ गई।
मामला तब और बिगड़ गया, जब प्रभारी ने आशाओं को कार्रवाई की चेतावनी दे डाली। गुस्साए सलावा के ग्रामीणों ने प्रभारी का घेराव किया। इतना ही नहीं प्रभारी से अभद्रता की। बाद में प्रभारी को कोतवाली ले गए। दिनभर हंगामे के बाद शाम को सीएमओ व एसडीएम कोतवाली पहुंचे।

पीड़ित ने चिकित्सकों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। सीएमओ ने सीएचसी प्रभारी का तबादला कर दिया। इसके अलावा काउंसलर को सस्पेंड करने के साथ दो चिकित्सकों के खिलाफ रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही है। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
सरधना के सलावा गांव निवासी राखी पत्नी श्रवण को गांव की आशा ब्रजेश बीती बीस सितंबर को सीएचसी में नसबंदी के लिए आई थी। आरोप है कि नसबंदी के बाद से ही महिला की हालत बिगड़नी शुरू हो गई थी। वह महिला को वापस सीएचसी लेकर आए, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली।

महिला को मेरठ रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार सुबह महिला की मौत हो गई। आशाओं ने सीएचसी चिकित्सकों और प्रभारी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। कई घंटे बीत जाने के बाद भी प्रभारी आशाओं की बात सुनने नहीं पहुंचे तो उन्होंने अस्पताल की दरवाजा बंद कर धरने शुरू कर दिया। प्रभारी ने पुलिस पुलिस बुला ली।
तब बात और बिगड़ गई। काफी संख्या में सलावा के ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। ग्रामीणों ने सीएचसी प्रभारी डा. अमित कुमार त्यागी का घेराव कर दिया। नाराज लोगों ने प्रभारी से अभद्रता भी की। बाद में प्रभारी को कोतवाली ले गए। ग्रामीण दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। दिनभर चले हंगामे के बाद शाम को सीएमओ अखिलेश मोहन व एसडीएम अमित कुमार भारतीय कोतवाली पहुंचे और ग्रामीणों की बात सुनी।
पीड़ित श्रवणी ने चिकित्सकों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। वहीं कई घंटे चली वार्ता के बाद रात को सीएमओ ने सीएचसी प्रभारी डा. अमित त्यागी का तबादला करने, काउंसलर नीतू को सस्पेंड करने और दो चिकित्सक शशि व शशिकांत के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही। साथ ही साथ पीड़ित परिवार को तत्काल प्रभाव से 50 हजार रुपये की मदद और साढे चार लाख रुपये की जल्द सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
कार्रवाई की चेतावनी पर बिगड़ी बात
महिला राखी की मौत के बाद आशाएं सीएचसी में नाराजगी जताने पहुंची। मगर आरोप है कि सीएचसी प्रभारी ने उनसे मिलना भी गवारा नहीं समझा। हंगामा करने पर उलटा कार्रवाई की चेतावनी दे डाली। जिसके बाद बात बिगड़ती चली। जो प्रभारी से फिर नहीं संभली। ग्रामीण प्रभारी को हटाने की मांग कर रहे थे।
प्राइवेट में ले जाने पर दिया जोर
आरोप है कि सीएचसी स्टाफ से एक कर्मचारी ने फोन करके प्राइवेट अस्पताल में ले जाने की बात कही। साथ ही कहा कि इलाज का खर्च वह उठा लेंगे। पूर्व प्रधान पति सुनील सोम ने बताया कि उनके पास कर्मचारी का फोन आया था। जो प्राइवेट में महिला को ले जाने और खर्च वहन करने की बात कह रही थी।
एक और महिला की हालत बिगड़ी
बीते गुरुवार को भी सलावा गांव से रेनू पत्नी दीपक को डिलीवरी के लिए सीएचसी लाया गया था। आरोप है कि पूरे दिन उन्हें अस्पताल में धक्के खाने पड़े, लेकिन डिलीवरी नहीं हुई। हालत बिगड़ने पर उन्हें प्राइवेट अस्पताल जाने को कह दिया गया। परिजनों ने कुछ भी देर किए बिना ही गर्भवती महिला को निजी अस्पताल ले गए। वर्तमान में महिला की हालत चिंताजनक बनी हुई है। दीपक ने भी मामले में कोतवाली में तहरीर दी है।

