- कुशावली के जंगल में किया जा रहा बड़े स्तर पर खनन, खनन माफियाओं को सफेद पोश का भी संरक्षण
- माफियाओं ने जंगल में बना दिये 20 फीट तक के गहरे गड्ढे, आंखे मूंदे बैठे हैं अधिकारी
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: क्षेत्र में मिट्टी खनन माफियाओं ने आतंक मचा रखा है। क्षेत्र में अवैध खनन का काला कारोबार पुलिस-प्रशासन की सेटिंग से ही हो रहा है। इसलिए पुलिस व अधिकारी इस ओर से आंखे मूंदे बैठे हैं। सूत्रों की मानें तो माफियाओं के सिर पर सफेद पोश का हाथ भी है। कुशावली गांव के जंगल में माफियाओं ने खनन करके करीब 20 फीट गहरा तालाबनुमा मैदान बना दिया है। रात के अंधेरे में बड़े स्तर से अवैध खनन किया जा रहा है।
जेसीबी से धरती का सीना चीरा जा रहा है। पूरे रात दर्जनभर डंपर मिट्टी की ढुलाई में लगे रहते हैं। कहने को यह डंपर कोतवाली के आगे से गुजरते हैं। मगर मजाल कि पुलिस उन्हें रोक ले। जेब गर्म की जा रही है तो नजरअंदाज तो करना पड़ेगा। क्षेत्रीय प्रशासन तो ठीक है, लेकिन जिले के अधिकारी भी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं।
सरधना क्षेत्र में खनन माफिया बेखौफ होकर धरती का सीना चीर रहे हैं। खनन का यह काला कारोबार पुलिस और सफेदपोश के संरक्षण में हो रहा है। आरोपी दिन में ट्रैक्टर-ट्राली से मिट्टी उठाते हैं। दिन ढलते ही रात में जेसीबी और डंपर से बड़े स्तर पर खनन किया जाता है। क्षेत्र का कुशावली गांव माफियाओं के गढ़ बना हुआ है। कुशावली के जंगल में माफिया दिन-रात बेखौफ होकर खनन करते हैं। कुशावली गांव में खनन करके आरोपियों ने बड़े क्षेत्रफल में करीब 20 फीट तालाबनुमा गड्ढा बना दिया है, जो देखने में मैदान नजर आता है।
मौके पर जाकर देखा जाए तो अच्छा खासा इंसान भी हैरत में पड़ जाए। इतना गहरा गड्ढा और मिट्टी के टीले। मानों कहीं चंबल की घाटी में आ गए हों। खनन का यह काला कारोबार पुलिस-प्रशासन की सेटिंग से चल रहा है। सांठगांठ से हो रहे काले कारोबार में माफियाओं से लेकर कई सफेदपोश की भी जेब गरम हो रही है। रात को कई जेसीबी मिलकर धरती का सीना चीरती हैं और दर्जनभर डंपर मिट्टी की ढुलाई करते हैं।
रोजाना कोतवाली के आगे से डंपर गुजरते हैं। मगर मजाल है कि पुलिस उन्हें रोक लें। पुलिस की जेब गर्म हो रही है तो नजरअंदाज तो करना पड़ेगा। इसके अलावा सफेदपोश की जी हुजूरी भी करनी जरूर है। तो गंदा है पर धंधा है वाली कहावत पर सब धड़ेले से चल रहा है। पुलिस व अधिकारियों ने तो आंखे बंद कर रखी हैं। मगर जिले के अधिकारी भी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। यही हाल रहा तो जंगल सरपट मैदान में तबदील हो जाएगा। इस संबंध में एसडीएम से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
नजारा देख हो जाएं सब हैरान
कुशावली के जंगल में जहां माफियाओं द्वारा मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है। वहां का नजारा देखकर हर कोई हैरान रह जाएगा। क्योंकि जंगल में धरती का सीना चीरकर माफियाओं ने वो हाल कर रखा है कि मानों चंबल की घाटी में आ गए हों। 20 फीट से अधिक गहरे गड्ढे की कल्पना करके सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितने बड़े स्तर पर खनन किया जा रहा है।
रॉयल्टी के नाम पर हो रहा खेल
सरकार द्वारा नया नियम बनाया गया था कि कोई भी किसान जंगल या खेत से अपनी जरूरत के हिसाब से मिट्टी उठा सकेगा। उसे किसी प्रकार की रॉयल्टी नहीं देनी पड़ेगी। बस यहीं से अधिकारी और खनन माफिया मिलकर खेल कर रहे हैं। शिकायत व नजर में आने से बचने के लिए रात के अंधेरे में जेसीबी जमकर धरती का सीना चीरती है।

