- तीन सप्ताह बाद भी नही हुए गिरफ्तार खाकी का इकबाल हुआ खत्म
- सत्यापन करने गई पुलिस के साथ की थी मारपीट
- दबंगों की मारपीट में तीन पुलिसकर्मी हुए थे घायल
- एक दर्जन से अधिक दबंगो पर गंभीर धाराओं में हुआ था मुकदमा दर्ज
- दबंगता का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ था वायरल
जनवाणी संवाददाता |
भोपा: मुजफ्फरनगर जनपद की भोपा पुलिस का इकबाल खत्म होता नजर आ रहा है, क्योंकि पुलिस पर लगभग 22 दिन पूर्व हुए हमले के आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है ।वहीं दूसरी ओर एक किसान संगठन से जुड़े लोग मुकदमे को फर्जी बताते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने पर पुलिस को खुला चैलेंज दे रहे हैं।
अब सवाल यह उठता है कि अगर भोपा क्षेत्र में पुलिस ही सुरक्षित नहीं है, तो आम आदमी अपने आप को सुरक्षित कैसे महसूस कर सकेगा। आखिर पुलिस किसके दबाव में काम कर रही है ?
भोपा थानाक्षेत्र के गांव सीकरी में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सत्यापन के लिए गयी भोपा पुलिस के साथ दबंगों ने जमकर धक्का-मुक्की की थी, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की और दबंगता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था।
मामले में कार्यवाही करते हुए पुलिस ने एक दर्जन से अधिक दबंगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बीते 19 दिसम्बर को भोपा थाना क्षेत्र के गाँव सीकरी में भोपा पुलिस आने वाले 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपराधियों का सत्यापन कर रही थी।
पुलिस जैसे ही सत्यापन के लिए आरोपी मुकीम निवासी सीकरी के घर पर पहुंची, तो उसने गांव के ही दर्जनों लोगों को मौके पर बुला लिया था और पुलिस के साथ गाली-गलौच और अभद्रता करनी शुरू कर दी थी।
इस पर पुलिस ने उसे दबोच लिया था और हिरासत में लेने का प्रयास करने पर ग्रामीणों की भारी भीड़ ने पुलिस के साथ जमकर गाली-गलौच और धक्का-मुक्की की थी। अचानक हुए हमले में चौकी प्रभारी रेशमपाल सिंह सहित तीन पुलिसकर्मी बिजेंद्र शर्मा व अमित यादव घायल हो गए थे।
पुलिस किसी तरह मुकीम को पकड़कर भोपा थाने लाई थी और तीनों पुलिसकर्मियों का मेडिकल कराकर सीकरी निवासी किसान यूनियन तोमर के प्रदेश उपाध्यक्ष शान मोहम्मद , मुस्तकीम, मोबीन, शावेज, नसीम, बुन्दू, सबनूर, अमजद, शाकिब, कल्लू, आजम, शावेज व मुकीम पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था, परन्तु पुलिस पर हुए हमले को 22 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस नामजद अन्य किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कर पाई है।
भाकियू तोमर ने थाने पर किया था धरना प्रदर्शन
बीते 29 दिसम्बर को भारतीय किसान यूनियन तोमर के दर्जनों कार्यकर्ताओ ने जिलाध्यक्ष अखिलेश चौधरी व प्रदेश संगठन मंत्री साजिद ककराला के नेतृत्व में भोपा थाने पर पहुंचकर थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज राय का घेराव करते हुए थानाक्षेत्र की सीकरी चौकी प्रभारी पर सीकरी की वायरल वीडियो के मामले में संगठन के वरिष्ठ नेता सहित अन्य पर रंजिशन मुकदमा लिखाने और उगाही के गंभीर आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग की थी और जिले के एसएसपी, डीआईजी और एडीजी के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांगे पूरी न होने पर धरना प्रदर्शन का ऐलान किया था।
बीते सप्ताह आरोपियों की मीट की दुकानों पर प्रशासन ने की थी कार्यवाही
बीते एक जनवरी को भोपा थानाक्षेत्र के गांव सीकरी में खाद सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग मुजफ्फरनगर द्वारा लाइसेंस निरस्त करने के आदेश के बाद भोपा पुलिस ने मीट की दो दुकानों को बंद करा दिया|
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने दोनों दुकानदारों पर भोपा थाने में दर्ज मुकदमें और गांव की शांति व्यवस्था भंग होने के खतरा के खतरे को देखते हुए दोनों दुकानों का लाइसेंस निरस्त कर दिया था।

