- 24 घंटे तक ऐसे ही बना रहेगा बारिश का असर
- शीतलहर के चलते बाजारों में भी पसरा रहा सन्नाटा
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: गुरुवार का दिन कड़ाके की ठंड के बीच में गुजरा बारिश और तेज हवाओं के चलते मौसम ठंडा हो गया। कुछ स्थानों पर ओले भी पड़े हैं। मौसम वैज्ञानिकों की मानें अभी 24 घंटे तक मौसम ऐसे ही बना रहेगा, फिलहाल राहत के आसार नहीं है।
सर्दी का सितम अभी कम होता नहीं दिख रहा है। फरवरी की शुरुआत में बारिश ने फिर से दस्तक दे दी है। जिस कारण से मौसम ठंडा हो गया है। लगातार बढ़ती बारिश और ठंड के बीच शहरवासी परेशान है। गुरुवार का दिन सुबह से लेकर शाम तक तेज हवाओं के साथ चलता रहा। हवा की रफ्तार 40 किमी से भी प्रति घंटे की रफ्तार से ज्यादा रही। जिस कारण से ठंड का अहसास ज्यादा रहा।
कुछ स्थानों पर ओले भी पड़े है। ओले पड़ने के कारण ठंड और भी बढ़ गई है। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 14.7 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जबकि बारिश 8 मिमी दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक डा. यूपी शाही का कहना है कि अभी 24 से 48 घंटे तक वेस्ट यूपी में बारिश का असर बना रहेगा। फिलहाल राहत के आसार नहीं दिखाई दे रहे है। तेज हवा चलने से तापमान में गिरावट आएगी। जबकि रात का तापमान थोड़ा बढ़ेगा। अभी सर्दी फिर से बढ़ रही है।
गेहूं के लिए बारिश तो ठीक पर ओलावृष्टि ने बढ़ाई दिक्कत
गेहूं की फसल के लिए बारिश हालांकि मुफीद है, लेकिन दोपहर बाद ओले पड़ने से पौधों को नुकसान पहुंचा है। एक-दो दिन में अगर फिर ओलावृष्टि हो गई तो भारी नुकसान हो सकता है। तेज हवा के साथ हुई बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी सरसों की फसल बिछ गई है। जिससे खासे नुकसान का डर बन गया है। साथ खेतों में पानी भरने से आलू की फसल में रोग लगने की चिता बढ़ गई है।

गुरुवार शाम तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ तेज हवा के चलने से सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचा है और ग्रामीण क्षेत्र में खेतों में खड़ी सरसों की फसलें बिछ गईं हैं। साथ ही खेतों में पानी भी भर गया है। किसानों का कहना है कि लगातार कई दिनों से मौसम बिगड़ रहा है और बारिश भी हो रही है अगर आगे भी इसी प्रकार बारिश हुई। तो खेत में खड़ी सरसों की फसल के साथ आलू की फसल को भी बहुत नुकसान होगा। जिससे किसानों की दिक्कतें बढ़ जाएगी।
पिछले दिनों मौसम की मार झेल चुके सब्जियों के राजा आलू पर बृहस्पतिवार का दिन काफी भारी रहा। पूर्वाह्न झमाझम बारिश फिर बीच-बीच में ओलावृष्टि ने आलू के साथ सरसों उत्पादकों के अरमानों पर भी पानी फेर दिया। दोनों फसलों के साथ शिमला मिर्च, टमाटर और मटर को करीब 30 फीसदी नुकसान के अनुमान बीच कई स्थानों पर सरसों की फसल भी खेतों में गिर गई। तेज हवा तो बुधवार रात से ही चल रही थी, लेकिन उस समय हवा के झोंकों को सरसों की फसल झेल गई। इसके अलावा ओलावृष्टि ने भी फसल को नुकसान पहुंचाया तो खेतों में बारिश का पानी भर जाने से आलू का कंद सड़ने की आशंका बढ़ गई। इसी तरह सब्जी फसलों में टमाटर, शिमला मिर्च और मटर को भी नुकसान हुआ।
बेमौसम बरसात से किसान मायूस, खिंची चिंता की लकीर
पहले से ही मंहगाई से जूझ रहे अन्नदाता पर बेमौसम बरसात कहर बन चली है। खासतौर सरसों, मटर और आलू की खेती कर रहे किसानों को इस बारिश से भारी नुकसान है। गुरुवार तड़के बारिश के साथ आई ओलों की बौछार ने किसानों के चेहरे मायूस कर दिए। मौसम के बदले मिजाज के बीच महीने भर से रह-रहकर हो रही बरसात ने किसानों पर कहर बरपा रखा है।
बेमौसम हो रही इस बरसात से खासतौर पर सरसों, मटर व आलू की खेती कर रहे किसानों को भारी नुकसान है। वजह सरसों व मटर दोनों ही बहुत कम सिंचाई चाहने वाली फसले हैं। लेकिन डेढ महीना पूर्व मे हुई बरसात ने जहां सरसों और मटर के अंकुरण को प्रभावित किया वहीं पखवाड़े भर पूर्व तेज हवा के साथ आई बारिश से सरसो की फसल गिर गई और उसमें फफूंद लग गई।
रही कसर गुरुवार रात तेज हवा व बारिश के साथ आई ओलों की बौछार ने पूरी कर दी। क्योंकि इस वक्त सरसों और मटर की फसलों पर भरपूर फूल है। बारिश और ओलों की बौछार से फूल गिर गया। इससे उत्पादन मे बहुत कमी आएगी। वहीं आलू में भी गलन फैलने के आसार हैं। इस तरह पहले से ही मंहगाई की मार झेल रहे किसान को अब मौसम की मार पड़ने से चौपट होने की चिंता सता रही है।
बे-मौसम बारिश से बेरौनक रहे बाजार
सर्द ऋतु में फरवरी माह की शुरुआत इस बार कोहरे व बारिश से हुई। बुधवार देर रात से तेज हवा के साथ शुरू हुई बारिश से तापमान में गिरावट आई। बफीर्ली ठंड के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सुबह तक बारिश होती रही। तेज हवा से नगर में हाइवे विद्युत पोल बीच सड़क पर आ गिरा। इस दौरान हादसा होने बाल-बाल बचा।
जनवरी माह के बाद फरवरी में अमूमन सर्द मौसम में परिवर्तन होने लगता है, लेकिन इस बार फरवरी की शुरुआत घने कोहरे से हुई। दो दिन सुबह के समय घरना कोहरा पड़ा था, लेकिन में धूप निकलने से कुछ ठंड से कुछ राहत मिली। बुधवार देर रात से मौसम बिगड़ गया।
गुरुवार सुबह लगभग नौ बजे तक बारिश हुई और सर्द हवाएं चली। बारिश व सर्द हवा के कारण ठंड बढ़ गई। तेज हवा से नगर में हाइवे पर मोहल्ला मुन्नालाल में मध्यरात्रि विद्युत पोल टूट कर मार्ग पर आ गिरा। गनीमत रही कि पोल सड़क के ऊपर से गुजर रहे केबल की लाइन पर आकर रुक गया। जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। वहीं, हस्तिनापुर रोड व फलावदा मार्ग पर पेड़ टूटकर गरने से आवागमन बाधित रहा। वहीं बिजली के तार टूटने से बिजली भी बाधित रही।
बाजार भी पसरा सन्नाटा
मौसम खराबी के कारण देहात से लोगों का आवागमन कम रहा। दुकानदार ग्राहकों की बाट जोहते नजर आये। सुभाष बाजार, दयानंद बाजार, गुड़मंडी, गोल मार्केट, हस्तिनापुर रोड, मिल रोड आदि के बाजार सूने नजर आये। हालांकि दोपहर बाद मौसम साफ होने पर बाजारों में चहल-कदमी बढ़ी, लेकिन दिन ढलते ही सन्नाटा पसरने लगा।
तेज हवा के साथ बढ़ी ठंड
मौसम का मिजाज लगातार करवट बदल रहा है। गुरुवार को दिनभर चली बफीर्ली हवाओं ने लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर कर दिया। शीतलहर के चलते बाजारों और चौराहों पर भी चहल-पहल काफी कम रही। दिन ढलते ही नगर की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया।

मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कई दिन चटक धूप निकलने के बाद बुधवार की रात मौसम ने फिर करवट ले ली। रात में ही हल्की बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हो गया था। सुबह के समय भी बादलों ने अपने तेवर दिखाए। इसके बाद पूरे दिन बफीर्ली हवाओं ने लोगों पर खूब सितम ढाया। शीत लहर के चलते लोग घरों में कैद रहे। जरूरी काम के लिए ही लोग घरों से बाहर निकले। ठिठुरन वाली ठंड का असर बाजारों पर भी देखने को मिला। ठंड के चलते बाजारों और चौराहों पर चहल-पहल काफी कम रही। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव जलाकर हाथ तापते नजर आए। दिन ढलते ही नगर की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। वहीं ठंड को देखते हुए पालिका प्रशासन ने भी मुख्य चौराहों पर अलाव जलवाने का काम किया।

