- पक्षियों से गुलजार है हस्तिनापुर का वन्य क्षेत्र
- विदेशी पक्षियों की अठखेलियों को कैमरे में कैद कर रहे लोग
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मुल्कों के बीच इंसान की खींची सरहद की परवाह पंछी, नदियां और पवन के झोंके नहीं करते। यह पंक्ति हस्तिनापुर अभ्यारण्य में आने वाले प्रवासी पक्षियों पर सटीक बैठती है।
हर साल नवंबर माह से हस्तिनापुर वन्य क्षेत्र में सरहद और सियासी बंदिशों को लांघकर प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। जिनको देखने के लिए जनवरी माह से ही हस्तिनापुर में पर्यटकों का तांता लगाना शुरू हो जाता है और इस समय हस्तिनापुर पक्षी प्रेमियों खूब संख्या में देखने को मिल रहे हैं।
इस समय हस्तिनापुर में 60 से अधिक प्रजातियों के पक्षी देखने को मिल रहे हैं। पानी में खेलते मेहमान पक्षी लोगों को अपनी ओर खूब आकर्षित कर रहे हैं और लोग उनकी अठखेलियों को कैमरे में कैद करने से नहीं चूक रहे हैं। वहीं, पक्षी उड़ान भर रहे हैं तो लोग उनको देख भाव-विभोर भी हो रहे हैं। रविवार को हस्तिनापुर वन्य क्षेत्र में सबसे अधिक पर्यटक पहुंच रहे हैं।
हालांकि कुछ लोग जानकारी के अभाव में सेंचुरी में भटक भी जाते हैं और निराश होकर लौटने को भी मजबूर हो जाते हैं। वहीं, स्कूल और कॉलेजों के छात्र भी यह नजारा देखने वहां आय दिन पहुंच रहे हैं। गंगा किनारे दिखने वाले घड़ियाल, पानी में तैरते कछुए और विदेशी मेहमान लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि हस्तिनापुर सेंचुरी प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। यहां प्रति वर्ष प्रवासी पक्षी हजारों मिल लंबा रास्ता तय कर दलदली झीलों में पहुंचते हैं और गर्मी की शुरुआत होने के बाद यहां से पलायन कर जाते हैं।

