- श्यामा एंड श्यामा कंपनी के पास है बसों के मेंटेनेंस से लेकर जिम्मेदारी का ठेका
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर की जनता को पब्लिक ट्रांसपोर्ट की अच्छी सुविधाएं मिलने के लाख दावे किए जाते हैं, लेकिन सच्चाई इससे बहुत परे हैं। सिटी ट्रांसपोर्ट विभाग के पास इस समय जितनी भी बसें हैं। उन पर विभाग सवा लाख रुपये प्रति बस हर माह खर्च कर रहा है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर केवल दिखावा हो रहा है।
सिटी ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा श्यामा एंड श्यामा कंपनी को गत एक अप्रैल 2021 को दो साल के लिए सभी लोकल बसों के मेंटेनेंस से लेकर रूटों पर चलने का ठेका दिया गया है, लेकिन कंपनी द्वारा किस तरह से अपनी जिम्मेदारी निभाई जा रही है। यह सबके सामने है। एक बस पर हर माह कंपनी को एक लाख से अधिक का भुगतान विभाग द्वारा किया जाता है। मगर कंपनी कितना पैसा बसों पर खर्च कर रही है, यह एक बड़ा सवाल है।
कानपुर से मिली 80 सीएनजी बसें खस्ताहाल
मेरठ में सिटी ट्रांसपोर्ट के लिए कानपुर से 80 बसें आई थी। जिनकी उम्र 15 साल तक है, लेकिन यह बसें कानपुर में ही 10 साल चलने के बाद शहर को मिली थी। इस समय शहर में चल रही सिटी ट्रांसपोर्ट की सीएनजी बसों की उम्र के दो-तीन साल ही बचे हैं। यही कारण है कि बसों की हालत खस्ता हो चली है। जिनके मेंटेनेंस को लेकर विभाग हर माह एक करोड़ रुपये खर्च कर रहा है।
ये है कंपनी की जिम्मेदारी
श्यामा एंड श्यामा कंपनी ने बसों के लिए 260 चालक रखे हुए हैं। मेंटेनेंस के लिए भी 120 लोगों की टीम रखी गई है। जबकि 195 परिचालकों की नियुक्ति दूसरी कंपनी द्वारा की गई है। जिनको दो रुपये छह पैसे प्रति किमी की दर से अलग से भुगतान किया जाता है। टोल टैक्स से लेकर सभी तरह के टैक्स व पुलिस केसों से निपटने की जिम्मेदारी कंपनी को एक रुपया 71 पैसे प्रति किमी की दर से होने वाले भुगतान से ही करना होता है।
हर बस का इन रूटों पर चलने का औसत
प्रत्येक बस जिनमें भैंसाली से सरधना का रूट 228 किमी, हापुड़ अड्डे से शाहजहांपुर किठौर का रूट 234 किमी, मोदीपुरम से मोदीनगर का रूट 205 किमी, सिटी स्टेशन वाया हापुड़ अड्डे का रूट 194, सिटी स्टेशन वाया जेलचुंगी का रूट 183, राधा गोविंद से सिवाया भगवती कॉलेज का रूट 202, जीरो माइल से सतवाई का रूट 178 व भैंसाली से करनावल का रूट 225 किमी प्रतिदिन है। जनता को इन रूटों पर अच्छी सरकारी ट्रांसपोर्ट की सुविधाएं देना विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन जर्जर 80 सीएनजी बसों की हालत ऐसी नहीं है। जिनसे यह सुविधा जनता को मिल सके।
सिटी ट्रांसपोर्ट के एआरएम विपिन सक्सेना का कहना है कि फिलहाल स्थिति ठीक है, जो गाड़ियां खराब हो जाती है उनको ठीक कराकर रूट पर भेज दिया जाता है। अगर कोई गाड़ी रास्ते में खड़ी हो जाती है तो उसके लिए कंपनी की जिम्मेदारी होती है कि वह कितनी जल्दी इसे ठीक करा दे। कुछ दिनों में 45 इलेक्ट्रिक बसें भी आ जाएंगी। जिसके बाद कोई परेशानी नहीं होगी।

