जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: सहारनपुर में फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ अज्ञात जालसाज़ों ने एक युवक के आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर उसके नाम पर एक फर्जी जीएसटी फर्म (GST Firm) पंजीकृत करवा ली और उसके ज़रिए 5 करोड़ रुपये से अधिक का बड़ा लेन-देन कर डाला। पीड़ित को इस धोखाधड़ी की जानकारी तब हुई जब वह अपना आयकर रिटर्न (ITR) भरने गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहारनपुर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
थाना देहात कोतवाली क्षेत्र के मल्हीपुर रोड निवासी तुषार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने अपनी निजी परिस्थितियों के चलते अपनी वास्तविक जीएसटी फर्म ‘तुषार एसोसिएट्स’, जो सहारनपुर के मल्हीपुर रोड पर रजिस्टर्ड थी, को 31 अक्टूबर 2024 को बंद कर दिया था। लेकिन हाल ही में जब वह अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के पास आयकर रिटर्न दाखिल करने पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि उनके ही नाम और पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके ‘तुषार ट्रेडिंग कंपनी’ नाम की एक नई और फर्जी फर्म आगरा में पंजीकृत कराई गई है।
आगरा में रजिस्टर्ड हुई फर्जी कंपनी
फर्जी फर्म ‘तुषार ट्रेडिंग कंपनी’ को 4 अक्टूबर 2024 को आगरा के दयाल रोड, दयाल बाग टेम्पल स्थित शॉप नंबर 112 के पते पर रजिस्टर्ड दिखाया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस फर्जी फर्म को 16 जुलाई 2025 को बंद भी दिखा दिया गया।तुषार ने पुलिस को बताया कि इस अवधि के दौरान इस फर्जी कंपनी के माध्यम से 5 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन किया गया है। पीड़ित ने साफ तौर पर कहा कि वह न तो कभी आगरा गए हैं, न उस पते से उनका कोई संबंध है, और न ही किसी व्यक्ति से उनकी कोई जान-पहचान है। उन्हें आशंका है कि उनके आधार और पैन कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करके यह धोखाधड़ी की गई है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू
इस गंभीर जालसाज़ी की शिकायत तुषार ने सहारनपुर के एसएसपी से की। एसएसपी आशीष तिवारी के निर्देश पर थाना देहात कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी (धारा 420) और दस्तावेजों के दुरुपयोग की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ होने की आशंका है। मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस ने जीएसटी विभाग से भी संपर्क साधा है ताकि फर्जी फर्म के रजिस्ट्रेशन, लेन-देन, और जीएसटी रिटर्न से जुड़ी पूरी जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और बैंक खातों की गहन जांच के बाद गिरोह का पर्दाफाश करने की तैयारी में है।

